Tuesday, 9 October 2012


अगर आप भी पैसों के लिए परेशान हैं तो अब परेशान मत होइए क्योंकि आज हम आपको एक ऐसा अचूक मंत्र बताने जा रहे हैं जो गरीब को भी अमीर बना देता है|
मंत्र-

ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं दारिद्रय विनाशके जगत्प्रसूत्यै नम:।।


जप विधि-

इस मंत्र का जप करने के लिए किसी शुभ मुहूर्त के दिन यह प्रयोग प्रारंभ करें। उसके बाद प्रतिदिन अपनी इच्छानुसार इस मंत्र का जप करें। जप करते समय सामने देवी लक्ष्मी का चित्र तथा शुद्ध घी का दीपक जलते रहना चाहिए। ध्यान रहे इस मंत्र का जप हमेशा कमलगट्टे की माला से ही करना चहिये| आपको बता दें कि 12 लाख मंत्र जप होने पर यह मंत्र सिद्ध हो जाता है।

Monday, 8 October 2012

अनाज तथा इनसे प्राप्त होने वाले फलों का वर्णन इस प्रकार है-
- शिव महापुराण के अनुसार भगवान शिव को चावल अर्पित करने से से लक्ष्मी यानी धन-संपत्ति व ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
- भगवान शिव को तिल चढ़ाने से सभी पापों का तुरंत नाश हो जाता है।
- जौ अर्पित करने से भगवान शिव अपने भक्तों को सभी प्रकार के सुख प्रदान करते हैं।
- यदि आप संतान प्राप्ति चाहते हैं तो इसके लिए भगवान शिव को गेहूं अर्पित करने का विधान है।
- मूंग दाल अर्पित करने से सुखों की प्राप्ति होती है।
- भगवान शिव को प्रियंगु (एक प्रकार का अनाज) अर्पित करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
यह सभी अन्न यथाशक्ति भगवान को अर्पण करने पश्चात गरीबों में वितरित कर देना चाहिए। तभी फल की प्राप्ति होती है।

Friday, 5 October 2012

कन्या की शादी में कोई रूकावट आ रही हो तो



यदि कन्या की शादी में कोई रूकावट रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें ! भगवान शिव की मूर्ती या फोटो के आगे रख कर ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः मंत्र का पांच माला जाप करें फिर वो पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढा दें ! विवाह की बाधायें अपने आप दूर होती जांयगी !

Monday, 1 October 2012

शिव गायत्री मंत्र

शिव गायत्री मंत्र

'
तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहितन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।'
इस मंत्र का विशेष विधि-विधान नहीं है। इस मंत्र को किसी भी सोमवार से प्रारंभ कर सकते हैं। इसी के साथ सोमवार का व्रत करेंतो श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त होंगे।
शिवजी के सामने घी का दीपक लगाएँ। जब भी यह मंत्र करें एकाग्रचित्त होकर करें, पितृदोष, एवं कालसर्प दोष वाले व्यक्ति को यह मंत्र प्रतिदिन करना चाहिए। सामान्य व्यक्ति भी करे तो भविष्य में कष्ट नहीं आएगा।इस जाप से मानसिक शांति, यश,समृद्धि, कीर्ति प्राप्त होती है। शिव की कृपा का प्रसाद मिलता है।

Sunday, 30 September 2012

दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा के लिए टल जाता है



रोजाना स्नान के बाद जब भी कपड़े पहनें, पहले स्वर देखें और जिस तरफ स्वर चल रहा हो उस तरफ से कपड़े पहनना शुरू करें और साथ में यह मंत्र बोलते जाएं - जीवं रक्ष इससे दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा के लिए टल जाता है।

Thursday, 27 September 2012

निवारण - पितृ दोष के बारे में मनीषियों का मत है कि पूर्व जन्म के पापों के कारण या पितरो के शाप के कारण यह दोष कुंडली में प्रकट होता है । अत: पित्र का निवारण पितृ पक्ष में शास्त्रोक्त विधि से किया जाता है ।
अन्य उपाय -
(1) प्रत्येक अमावस्या को एक ब्राह्मण को भोजन कराने व दक्षिणा वस्त्र भेंट करने से पितृ दोष कम होता है ।

(2) प्रत्येक अमावस्या को कंडे की धूनी लगाकर उसमें खीर का भोग लगाकर दक्षिण दिशा में पितरों का आव्हान करने व उनसे अपने कर्मों के लिये क्षमायाचना करने से भी लाभ मिलता है ।

(3) पिता का आदर करने, उनके चरण स्पर्श करने, पितातुल्य सभी मनुष्यों को आदर देने से सूर्य मजबूत होता है ।


(4) सूर्योदय के समय किसी आसन पर खड़े होकर सूर्य को निहारने, उससे शक्ति देने की प्रार्थना करने और गायत्री मंत्र का जाप करने से भी सूर्य मजबूत होता है ।


(5) सूर्य को मजबूत करने के लिए माणिक भी पहना जाता है, मगर यह कूंडली में सूर्य की स्थिति पर निर्भर करता है ।

यह तय है कि पितृदोष होने से जातक को श्रम अधिक करना पड़ता है, फल कम व देर से मिलता है । अत: इस हेतु मानसिक तैयरी करना व परिश्रम की आदत डालना श्रेयस्कर रहता है ।