Saturday, 13 October 2012

बचें अपशकुन से - छिपकली गिरने या गिरगिट चढ़ने परः



जब कभी शरीर पर छिपकली गिर जाती है या गिरगिट चढ़ जाता है तो अपशकुन निवारणार्थ हेतु सर्वप्रथम स्नान कर यह मंत्र अवश्य जपें :

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ॐ नमः शांते प्रशांते ॐ, हीं हीं सर्व क्रोध प्रशमनी स्वाहा।'
यह मंत्र जप 108 बार या 21 बार पढ़ें। उक्त मंत्र लाभप्रद है एवं अशुभ प्रभाव को क्षीण करते हैं और मंगल होता है।

Friday, 12 October 2012

दालचीनी मसालों के रूप में काम मे ली जाती है

सामान्यत: दालचीनी मसालों के रूप में काम मे ली जाती है। लेकिन यह पेट रोग, इंफ्यूएंजा, टाइफाइड, टीबी और कैंसर जैसे रोगों में उपयोगी पाई गई है। दालचीनी का तेल बनता है। दालचीनी,साबुन, दांतों के मंजन, पेस्ट, चाकलेट, सुगंध व उत्तेजक के रूप में काम में आती है। चाय, काफी में दालचीनी डालकर पीने से स्वादिष्ट हो जाती है तथा जुकाम भी ठीक हो जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं दालचीनी के कुछ घरेलु प्रयोग जो बहुत उपयोगी हैं।

- दालचीनी का तेल दर्द, घावों और सूजन को नष्ट करता है।

- दालचीनी को तिल के तेल, पानी, शहद में मिलाकर उपयोग करना चाहिए। दर्द वाले स्थान पर मालिश करने के बाद इसे रातभर रहने देते है। मालिश अगर दिन में करें तो 2-3 घंटे के बाद धोएं।

- दालचीनी त्वचा को निखारती है तथा खुजली के रोग को दूर करती है।

- दालचीनी सेहत के लिए लाभकारी है। यह पाचक रसों के स्त्राव को भी उत्तेजित करती है। दांतों की समस्याओं को दूर करने में भी यह उपयोगी है।

- रात को सोते समय नियमित रूप से एक चुटकी दालचीनी पाउडर शहद के साथ मिलाकर लेने से मानसिक तनाव में राहत मिलती है और स्मरण शक्ति बढ़ती है।

- दालचीनी का नियमित प्रयोग मौसमी बीमारियों को दूर रखता है।

- ठंडी हवा से होने वाले सिरदर्द से राहत पाने के लिए दालचीनी के पाउडर को पानी में मिलाकर पेस्ट बनाकर माथे पर लगाएं।

- दालचीनी पाउडर में नीबू का रस मिलाकर लगाने से मुंहासे व ब्लैकहैड्स दूर होते हैं।

- दालचीनी, डायरिया व जी मिचलाने में भी औषधी के रूप में काम में लाई जाती है।

- मुंह से बदबू आने पर दालचीनी का छोटा टुकड़ा चूसें। यह एक अच्छी माउथ फ्रेशनर भी है।

- दालचीनी में एंटीएजिंग तत्त्व उपस्थित होते हैं। एक नीबू के रस में दो बड़े चम्मच जैतून का तेल, एक कप चीनी, आधा कप दूध, दो चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर पांच मिनट के लिए शरीर पर लगाएं। इसके बाद नहा लें, त्वचा खिल उठेगी।

- दालचीनी पाउडर की तीन ग्राम मात्रा सुबह-शाम पानी के साथ लेने पर दस्त बंद हो जाते हैं

- आर्थराइटिस का दर्द दूर भगाने में शहद और दालचीनी का मिश्रण बड़ा कारगर है।

-गंजेपन या बालों के गिरने की समस्या बेहद आम है। इससे छुटकारा पाने के लिए गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट बनाएं।

- एक चम्मच दालचीनी पाउडर और पांच चम्मच शहद मिलाकर बनाए गए पेस्ट को दांत के दर्द वाली जगह पर लगाने से फौरन राहत मिलती है।

- सर्दी जुकाम हो तो एक चम्मच शहद में एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर दिन में तीन बार खाएं। पुराने कफ और सर्दी में भी राहत मिलेगी।

- पेट का दर्द-शहद के साथ दालचीनी पाउडर लेने पर पेट के दर्द से राहत मिलती है।

- खाली पेट रोजाना सुबह एक कप गरम पानी में शहद और दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से फैट कम होता है। इससे मोटे से मोटा व्यक्ति भी दुबला हो जाता है।

पितृदोष को दूर करने का एक बढिया उपाय



मै यहां पर पितृदोष को दूर करने का एक बढिया उपाय बता रहा हूँ,यह एक बार की ही पूजा है,और यह पूजा किसी भी प्रकार के पितृदोष को दूर करती है। सोमवती अमावस्या को (जिस अमावस्या को सोमवार हो) पास के पीपल के पेड के पास जाइये,उस पीपल के पेड को एक जनेऊ दीजिये और एक जनेऊ भगवान विष्णु के नाम का उसी पीपल को दीजिये,पीपल के पेड की और भगवान विष्णु की प्रार्थना कीजिये,और एक सौ आठ परिक्रमा उस पीपल के पेड की दीजिये,हर परिक्रमा के बाद एक मिठाई जो भी आपके स्वच्छ रूप से हो पीपल को अर्पित कीजिये। परिक्रमा करते वक्त :ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करते जाइये। परिक्रमा पूरी करने के बाद फ़िर से पीपल के पेड और भगवान विष्णु के लिये प्रार्थना कीजिये और जो भी जाने अन्जाने में अपराध हुये है उनके लिये क्षमा मांगिये। सोमवती अमावस्या की पूजा से बहुत जल्दी ही उत्तम फ़लों की प्राप्ति होने लगती है। एक और उपाय है कौओं और मछलियों को चावल और घी मिलाकर बनाये गये लड्डू हर शनिवार को दीजिये। पितर दोष किसी भी प्रकार की सिद्धि को नहीं आने देता है। सफ़लता कोशों दूर रहती है और व्यक्ति केवल भटकाव की तरफ़ ही जाता रहता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति माता काली का उपासक है तो किसी भी प्रकार का दोष उसकी जिन्दगी से दूर रहता है। लेकिन पितर जो कि व्यक्ति की अनदेखी के कारण या अधिक आधुनिकता के प्रभाव के कारण पिशाच योनि मे चले जाते है,वे देखी रहते है,उनके दुखी रहने का कारण मुख्य यह माना जाता है कि उनके ही खून के होनहार उन्हे भूल गये है और उनकी उनके ही खून के द्वारा मान्यता नहीं दी जाती है। पितर दोष हर व्यक्ति को परेशान कर सकता है इसलिये निवारण बहुत जरूरी है।

Tuesday, 9 October 2012


अगर आप भी पैसों के लिए परेशान हैं तो अब परेशान मत होइए क्योंकि आज हम आपको एक ऐसा अचूक मंत्र बताने जा रहे हैं जो गरीब को भी अमीर बना देता है|
मंत्र-

ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं दारिद्रय विनाशके जगत्प्रसूत्यै नम:।।


जप विधि-

इस मंत्र का जप करने के लिए किसी शुभ मुहूर्त के दिन यह प्रयोग प्रारंभ करें। उसके बाद प्रतिदिन अपनी इच्छानुसार इस मंत्र का जप करें। जप करते समय सामने देवी लक्ष्मी का चित्र तथा शुद्ध घी का दीपक जलते रहना चाहिए। ध्यान रहे इस मंत्र का जप हमेशा कमलगट्टे की माला से ही करना चहिये| आपको बता दें कि 12 लाख मंत्र जप होने पर यह मंत्र सिद्ध हो जाता है।

Monday, 8 October 2012

अनाज तथा इनसे प्राप्त होने वाले फलों का वर्णन इस प्रकार है-
- शिव महापुराण के अनुसार भगवान शिव को चावल अर्पित करने से से लक्ष्मी यानी धन-संपत्ति व ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
- भगवान शिव को तिल चढ़ाने से सभी पापों का तुरंत नाश हो जाता है।
- जौ अर्पित करने से भगवान शिव अपने भक्तों को सभी प्रकार के सुख प्रदान करते हैं।
- यदि आप संतान प्राप्ति चाहते हैं तो इसके लिए भगवान शिव को गेहूं अर्पित करने का विधान है।
- मूंग दाल अर्पित करने से सुखों की प्राप्ति होती है।
- भगवान शिव को प्रियंगु (एक प्रकार का अनाज) अर्पित करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
यह सभी अन्न यथाशक्ति भगवान को अर्पण करने पश्चात गरीबों में वितरित कर देना चाहिए। तभी फल की प्राप्ति होती है।

Friday, 5 October 2012

कन्या की शादी में कोई रूकावट आ रही हो तो



यदि कन्या की शादी में कोई रूकावट आ रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें ! भगवान शिव की मूर्ती या फोटो के आगे रख कर “ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः” मंत्र का पांच माला जाप करें फिर वो पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढा दें ! विवाह की बाधायें अपने आप दूर होती जांयगी !

Monday, 1 October 2012

शिव गायत्री मंत्र

शिव गायत्री मंत्र

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ॐ तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहितन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।'
इस मंत्र का विशेष विधि-विधान नहीं है। इस मंत्र को किसी भी सोमवार से प्रारंभ कर सकते हैं। इसी के साथ सोमवार का व्रत करेंतो श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त होंगे।
शिवजी के सामने घी का दीपक लगाएँ। जब भी यह मंत्र करें एकाग्रचित्त होकर करें, पितृदोष, एवं कालसर्प दोष वाले व्यक्ति को यह मंत्र प्रतिदिन करना चाहिए। सामान्य व्यक्ति भी करे तो भविष्य में कष्ट नहीं आएगा।इस जाप से मानसिक शांति, यश,समृद्धि, कीर्ति प्राप्त होती है। शिव की कृपा का प्रसाद मिलता है।