Monday, 17 December 2012



शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति प्रतिदिन शिवपूजन के बाद इस प्रकार त्रिपुण्ड्र बनाता है उसे जीवन में सबकुछ प्राप्त हो जाता है। इसकी प्रत्येक रेखा में नौ-नौ देवताओं का वास है। पहली रेखा में अकार, गार्हपत्य अग्नि, पृथ्वी, धर्म, रजोगुण, ऋग्वेद, क्रियाशक्ति, प्रात:सवन तथा महादेव- ये नौ देवता वास करते हैं। दूसरी रेखा में उकार, दक्षिणाग्नि, आकाश, सत्वगुण, यजुर्वेद, मध्यंदिनसवन, इच्छाशक्ति, अंतरात्मा तथा महेश्वर- ये नौ देवता विद्यमान हैं। तीसरी रेखा में मकार, आहवनीय अग्नि, परमात्मा, तमोगुण, द्युलोक, ज्ञानशक्ति, सामवेद, तृतीयसवन तथा शिव निवास करते हैं

Sunday, 16 December 2012

जिनके घर में चिंता, कष्ट और बीमारी ज्यादा है

जिनके घर में चिंता, कष्ट और बीमारी ज्यादा है | भविष्य पुराण में आया ही की मार्गशीर्ष मास में शुक्ल पक्ष की सप्तमी माने 19th Dec' 2012 को बुधवार के दिन सुबह सूर्य भगवान को तिल के तेल का दीपक दिखाये अर्घ्य दे | सूर्य भगवान को अर्घ्य दो तो इस भाव से –
मन में एक बार स्मरण कर लेना की भगवत गीता में आपने कहाँ है – 
“ज्योति श्याम रविरंशुमान” ये ज्योतियों में सूर्य मै हूँ .... तो मेरा अर्घ्य स्वीकार करो | मेरा ये प्रणाम स्वीकार करे |
तो उस दिन १९ दिसम्बर को लोटे में चावल,
तिल, कुंकुम, केसर डालकर अर्घ्य दे | केसर न हो तो ऐसे ही कुंकुम डाल दे अर्घ्य दे, तिल का दिया दिखा दे |
फिर घर में भोजन बने और सब खाये उसके पहले दही और चावल थाली में लेकर
सूर्य भगवान को भोग लगाये और प्रार्थना करे हमारे घर में आपके लिए ये प्रसाद तैयार किया है ये नैवेद्य आप सूर्य भगवान स्वीकार करे और हमारे घर में सब प्रकार से आनंद छाया रहे, सब निरोग रहे, दीर्घायु बने | ऐसा करके उनको भोग लगाये और प्रसाद में थोडा-सा छ्त पर रख दे घर के लोग भी प्रसाद में दही-चावल खुद भी खा ले

Thursday, 13 December 2012

मार्गशीष मास की अमावस्या (13 दिसम्बर गुरुवार)



मार्गशीष मास की अमावस्या जो आयेगी 13 दिसम्बर गुरुवार के दिन माँ पार्वती जी का पूजन करें ।
पहले अपने गुरुदेव का पूजन करें गुरूर्ब्रहृमा गुरूर्विष्‍णु गुरूर्देवो
महेश्‍वर... फिर माँ पार्वती जी का पूजन करें 11 मन्त्र बोलकर माँ पार्वती जी को प्रणाम करे :-

1.
ॐ पार्वत्यै नमः
2.
ॐ हेमवत्यै नमः 
3. ॐ अम्बिकायै नमः
4. ॐ गिरीशवल्लभायै नमः
5. ॐ गंभीरनाभ्यै नमः
6. ॐ अपर्णायै नमः
7. ॐ महादेव्यै नमः
8. ॐ कंठकामिन्यै नमः
9. ॐ शणमुखायै नमः
10. ॐ लोकमोहिन्यै नमः
11.ॐ मेनकाकुक्षीरत्नायै नमः

ये
11 नाम कम से कम एक बार तो बोल ही लेनाए ज्यादा भी बोल सकतें है

Tuesday, 11 December 2012

शिव गायत्री मंत्र का पाठ सरल एवं अत्यंत प्रभावशील है



 कालसर्प, पितृदोष के कारण राहु-केतु को पाप-पुण्य संचित करने तथा शनिदेव द्वारा दंड दिलाने की व्यवस्था भगवान शिव के आदेश पर ही होती है। इससे सीधा अर्थ निकलता है कि इन ग्रहों के कष्टों से पीड़ित व्यक्ति भगवान शिव की आराधना करे तो महादेवजी उस जातक (मनुष्य) की पीड़ा दूर कर सुख पहुँचाते हैं। भगवान शिव की शास्त्रों में कई प्रकार की आराधना वर्णित है परंतु शिव गायत्री मंत्र का पाठ सरल एवं अत्यंत प्रभावशील है।

मंत्र निम्न है
:-

'
ॐ तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।'

इस मंत्र का विशेष विधि
-विधान नहीं है। इस मंत्र को किसी भी सोमवार से प्रारंभ कर सकते हैं। इसी के साथ सोमवार का व्रत करें तो श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त होंगे।

शिवजी के सामने घी का दीपक लगाएँ। जब भी यह मंत्र
करें एकाग्रचित्त होकर करें, पितृदोष, एवं कालसर्प दोष वाले व्यक्ति को यह मंत्र प्रतिदिन करना चाहिए। सामान्य व्यक्ति भी करे तो भविष्य में कष्ट नहीं आएगा। इस जाप से मानसिक शांति, यश, समृद्धि, कीर्ति प्राप्त होती है। शिव की कृपा का प्रसाद मिलता है।

विशेष
: कोई भी आराधना सच्चे मन से करें तो सफलता अवश्य मिलेगी।

Sunday, 9 December 2012

इन उपायों को करने से जीवन में खुशहाली आती है ...

इन उपायों को करने से जीवन में खुशहाली आती है ...
कौन नहीं चाहता की उसके जीवन में खुशहाली रहे और सुख-शांति बनी रहे पर हर व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होता। जीवन में सुख और शांति का बना रहना काफी मुश्किल होता है। जीवन में अगर सुख है तो दुःख भी जरुर आएगा फिर भी उपरोक्त उपाय करने से आप जीवन को खुशहाल बना सकते हैं।

1-सुबह घर से खाना खाने से पहले नियमित रूप से गाय की रोटी निकले ।
2- एक स्टील के पात्र में गंगा जल लेकर उसमें कुंकुम डालकर सूर्य भगवन को जल दे ।
3- एक स्टील के पात्र में गंगा जल और काला तिल मिलाकर पीपल के जड़ में पर नियमित रूप से चढ़ाएं।
4- सुबह घर से निकलने से पहले घर के सभी सदस्य अपने माथे पर चन्दन तिलक लगाएं।
5- मछलियों की आटे की गोली बनाकर खिलाएं।
6- पार्क में या किसी पेड़ की निचे चींटियों को भुना हुआ आटा शकर का बूरा मिलाकर खिलाएं।
7- रोज अपने माथे पर तिलक लगाये (गंगा जल, रोली ,केशर ,हल्दी को मिलाकर तिलक बनाये )
8- घर में तुलसी के पौधे को प्रतिदिन जल चढ़ाएं तथा घी का दीपक जलाये ।
9- घर में शमी का वृक्ष लगाने से शुख शांति मिलती है ।

इन उपायों को पूर्ण श्रद्धा के साथ लगातार करने से जीवन में खुशहाली आने लगती है।

Saturday, 8 December 2012

स्थिति सुधारने के लिए क्या चमत्कारी काम करें



स्थिति सुधारने के लिए क्या चमत्कारी काम करें

दीन, निर्धन, अनाथ, विकलांग तथा रोगी को किया दान अक्षय फलदायक होता है। गाय का दान या गोरक्षा करना भी गोदान समान है। गरीब विद्यार्थी को पुस्तकें देना और उसकी आर्थिक सहायता करना उत्तम दान है। जहां कई गरीब छात्र साथ रहकर अध्ययन करते हों, वहां अन्न दान करना दोनों लोकों में सुखदायक माना गया है। धन का दान उसे ही देना उचित है, जिसे उसकी अति आवश्यकता हो। सर्वसुविधा संपन्न व्यक्ति को धन का दान नहीं देना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि उचित पात्र को दिया दान ही पुण्यदायक होता है। तप से हीन, अनाचार करने वाले, दंभी, विद्याहीन, वेदहीन को दान नहीं देना चाहिए और न ही उन्हें ग्रहण करना चहिए।
 
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रोग मुक्ति के लिए प्रतिपदा को ब्राह्मण को गाय का घी दें।
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कर्ज मुक्ति हेतु मंगल को शिव मंदिर में झाड़ू दान दें।
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दान की राशि एवं वस्तु गुप्त रखें। प्रचार करने से फल घटता है।
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प्रयुक्त वस्तु दान न करें। दान दी वस्तु या धन वापस पाने की इच्छा रखने पर उसका पुण्य नहीं मिलता।
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भाग्य बल के लिए शनिवार को सुबह लोहा दान करें।
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कष्ट मुक्ति हेतु भिक्षुक को ऊनी वस्त्र दें।