शुक्ल पक्ष के पहले बृहस्पतिवार को सूर्यास्त से ठीक आधा घंटा पहले बड़ के पत्ते पर पांच अलग-अलग प्रकार की मिठाईयां तथा दो छोटी इलायची पीपल के वृक्ष के नीचे श्रद्धा भाव से रखें और अपनी शिक्षा के प्रति कामना करें। पीछे मुड़कर न देखें, सीधे अपने घर आ जाएं। इस प्रकार बिना क्रम टूटे तीन बृहस्पतिवार करें। यह उपाय माता-पिता भी अपने बच्चे के लिये कर सकते हैं।
ASTROLOGER, Spiritual Healer & Mantra - Yantra - Tantra Sadhak (ज्योतिषी, आध्यात्मिक चिकित्सक व मन्त्र-यन्त्र-तन्त्र साधक)
Tuesday, 24 April 2012
Friday, 20 April 2012
चतुर्दशी को पीपल पर दूध चढ़ाया जाता है,जानते है क्यों?
चतुर्दशी को पीपल पर दूध चढ़ाया जाता है,जानते है क्यों?
भारतीय परंपरा में पीपल के पेड़ को पूज्यनीय माना जाता है। वेदों में भी पीपल के पेड़ को पूज्य माना गया है। पीपल की छाया तप, साधना के लिए ऋषियों का प्रिय स्थल माना जाता था।महात्मा बुद्ध का बोधक्तनिर्वाण पीपल की घनी छाया से जुड़ा हुआ है। शास्त्रों के अनुसार पीपल में भगवान विष्णु का निवास माना गया है और विष्णु को पितृ के देवता माना गया है क्योंकि प्रसिद्ध ग्रन्थ व्रतराज की अश्वत्थोपासना में पीपल वृक्ष की महिमा का उल्लेख है।
इसमें अर्थवणऋषि पिप्पलादमुनि को बताते हैं कि प्राचीन काल में दैत्यों के अत्याचारों से पीडि़त समस्त देवता जब विष्णु के पास गए और उनसे कष्ट मुक्ति का उपाय पूछा, तब प्रभु ने उत्तर दिया-मैं अश्वत्थ के रूप में भूतल पर प्रत्यक्ष रूप से विद्यमान हूं। इसलिए यह मान्यता हैं विष्णु भगवान के स्वरूप पीपल को पितृ निमित्त जो भी चढ़ाया जाता है। उससे हमारे पूर्वजों को तृप्ति मिलती है। चौदस और अमावस्या पितृ के दिन माने जाते है इसलिए इस दिन पूर्वजों की तृप्ति के लिए पीपल को दूध और जल चढ़ाया जाता है।
Monday, 16 April 2012
दाम्पत्य सुख से वंचित
यदि पति-पत्नी के मन आपस में न मिले तो उनका जीवन दाम्पत्य सुख से वंचित हो जाता है। ऎसे में 11 गोमती चक्रों को लाल सिंदूर की डिब्बी में रखकर घर में रखें तो सभी प्रकार के मन के क्लेश दूर हो जाएंगे।
Saturday, 14 April 2012
पारिवारिक सुख सौहार्द्र हेतु / For peace and prosperity for family .
उपाय / Upay : पारिवारिक सुख सौहार्द्र हेतु / For peace and prosperity for family .
* पारिवारिक सुख समृद्धि, शांति व परिवार की एकता के लिए प्रतिदिन शाम सूर्यास्त के समय एक लोटे (ताँबे के) में स्वच्छ जल ले। उसमें 21 बूँद कच्चे दूध की डाल दे, 21 बूँद शहद की डाल दे, साथ ही 9 दाने (पीले) केशर के डाल दे, थोड़ा सा गंगाजल व दही मिला ले। अपने घर के मध्य में खड़े होकर 108 बार गायत्री का जाप करें। तत्पश्चात् पूरे घर में छीटें मारते हूए घर के बाहर निकलकर किसी पीपल के पेड़ के नीचे उड़ेंल दें।
घर की शुद्धि होगी व आने वाली अड़चनों से छुटकारा मिलेगा। हर तरह के सुख व समृद्धि की अभिवृद्धि होगी।
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