Wednesday, 2 May 2012

बृहस्पति मंत्र की अचूक शक्ति


इस मंत्र की अचूक शक्ति से रोग, कर्ज, शत्रु बाधा खत्म होकर वाक सिद्धि, संतान, सफलता के साथ सारी संसारिक इच्छाएं पूरी हो जाती है। जानिए यह मंत्र और सरल पूजा उपाय -

गुरु बृहस्पति विद्या, भाषा, ज्ञान द्वारा निपुण व दक्ष बनाकर शाही सम्मान, पद व प्रतिष्ठा भी नियत करने वाला होता है। अगर आप भी शासकीय पद या शिक्षा से संबंधित किसी क्षेत्र में सफलता के इच्छुक है तो शास्त्रों में बताया यह बृहस्पति कवच गुरुवार या हर रोज बोलना बहुत ही जल्द और मनचाहे फल देने वाला होगा -

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गुरु बृहस्पति की प्रतिमा की गंध, अक्षत, फूल से पूजा कर धूप व दीप जला पीले आसन पर बैठ नीचे लिखा बृहस्पति कवच बोलें -

अभीष्टफलदं देवं सर्वज्ञं सुर पूजितम्।

अक्षमालाधरं शान्तं प्रणमामि बृहस्पतिम्।।

बृहस्पति: शिर: पातु ललाटं पातु में गुरु:।

कर्णौ सुरुगुरु: पातु नेत्रे मेंभीष्टदायक:।।

Tuesday, 1 May 2012

श्री हनुमान के 11 खास मंत्र और उनसे पूरी होने वाली खास मन्नतें -


श्री हनुमान के 11 खास मंत्र और उनसे पूरी होने वाली खास मन्नतें -

ॐ महावीराय नम: - बल, ऊर्जा व शक्ति

ॐ दृढव्रताय नम: - मजबूत संकल्प शक्ति

ॐ योगिने नम: - मानसिक एकाग्रता, बल और संयम

ॐ सर्वग्रह विनाशिने नम: - सर्व ग्रहदोष शांति

ॐ शूराय नम: - साहस और आत्मबल

ॐ सर्वरोगहराय नम: - सभी रोगों से मुक्ति

ॐ शान्ताय नम: - शांति और सुख प्राप्ति और सारे कलह से मुक्ति

ॐ चिरंजीविने नम: - लंबा और स्वस्थ जीवन

ॐ रामदूताय नम: - देव कृपा और भक्ति

ॐ प्रसन्नात्मने नम: - प्रसन्नता और सुख

ॐ श्रीमते नम: - समृद्धि, वैभव और ऐश्वर्य
प्रतिदिन किसी भी समय श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से नवग्रह की शान्ति तो होती है और जटिल समस्याओं से छुटकारा भी मिल जाता है.
यदि घर में पति-पत्नी की नहीं बनती है औए प्रतिदिन घर में क्लेश की स्थिति बनी रहती है तो भी इसका समाधान श्री हनुमान जी के पास है. नित्य प्रातःकाल सूर्योदय के समय पति या पत्नी एक ताम्बे के लोटे में थोडा सा गुड़ और एक छोटी इलायची डाल कर सूर्य देव के सामने बैठ कर श्री हनुमान चालीसा के दो पाठ कर सूर्य देव को अर्घ्य प्रदान कर दें. कुछ ही दिनों में पति व पत्नी तथा परिवार के अन्य सदस्यों के मध्य सद्भावनापूर्ण व्यवहार होने लगेगा.

Wednesday, 25 April 2012

संतान चाहिए?


संतान चाहिए?
ये ज्योतिषीय उपाय करें...
यह मुख्य विषय प्रारब्ध एवं भाग्य संबंधी होता है। किंतु ठीक उपाए कर लिए जाएं तो संतान की प्राप्ती निश्चित होती है।
 
1.
संतान गोपाल मंत्र के सवा लाख जप शुभ मुहूर्त में शुरू करें। साथ ही बालमुकुंद (लड्डूगोपाल जी) भगवान की पूजन करें। उनको माखन-मिश्री का भोग लगाएं। गणपति का स्मरण करके शुद्ध घी का दीपक प्रज्जवलित करके निम्न मंत्र का जप करें।
मंत्र
ऊं क्लीं देवकी सूत गोविंदो वासुदेव जगतपते देहि मे,
तनयं कृष्ण त्वामहम् शरणंगता: क्लीं ऊं।।

2.
सपत्नीक कदली (केले) वृक्ष के नीचे बालमुकुंद भगवान की पूजन करें। कदली वृक्ष की पूजन करें, गुड़, चने का भोग लगाएं। 21 गुरुवार करने से संतान की प्राप्ती होती है।

3.
प्रदोष का व्रत करें, प्रत्येक प्रदोष को भगवान शंकर का रुद्राभिषेक करने से संतान की प्राप्त होती है।

4.
गरीब बालक, बालिकाओं को गोद लें, उन्हें पढ़ाएं, लिखाएं, वस्त्र, कापी, पुस्तक, खाने पीने का खर्चा दो वर्ष तक उठाने से संतान की प्राप्त होती है।

5.
आम, बील, आंवले, नीम, पीपल के पांच पौधे लगाने से संतान की प्राप्ति होती है।