Wednesday, 22 May 2019

संकटनाशन गणेशस्तोत्रम्

*संकटनाशन गणेशस्तोत्रम्*

प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुंत्र विनायकम्
भक्तावासं स्मरे नित्यं आयुकामार्थसिद्धये ॥ १ ॥
प्रथमं वक्रतुंडं च एकदंतं द्वितियकम्
तृतीयं कृष्णपिंगाक्षं गजवकत्रं चतुर्थकम् ॥ २ ॥
लंबोदरं पंचमं च षष्टमं विकटमेव च
सप्तमं विघ्नराजं च धूम्रवर्णं तथाअष्टकम् ॥ ३ ॥
नवं भालचंद्रं च दशमं तु विनायकम्
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ॥ ४ ॥
द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं य: पठेन्नर:
न च विघ्नभयं तस्य सर्व सिद्धि करं प्रभो ॥ ५ ॥
विद्यार्थि लभते विद्यां धनार्थि लभते धनम्
पुत्रार्थि लभते पुत्रांमोक्षार्थि लभते गतिम् ॥ ६ ॥
जपेत्गणपतिस्तोत्रं षडभिमासै: फलं लभेत
संवतसरेणसिद्धिं च लभते नात्रसंशयः ॥ ७ ॥
अष्टभ्योब्राह्मणोभ्यस्य लिखित्वा य: समर्पयेत्
तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादतः ॥ ८ ॥
॥ इतिश्री नारदपुराणे ‘संकटनाशन गणेशस्तोत्रम्’ संपूर्णम् ॥
॥ श्री गणेश द्वादश नाम स्तोत्र ॥
सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः।
लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायकः॥
धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजाननः।
द्वादशैतानि नामानि यः पठेच्छृणुयादपि॥
विद्यारम्भे विवाहे च प्रवेशे निर्गमे तथा।
संग्रामे संकटे चैव विघ्नस्तस्य न जायते॥
भावार्थ:- १.सुमुख २.एकदन्त ३.कपिल ४.गजकर्ण ५.लम्बोदर ६.विकट ७.विघ्ननाश ८.विनायक ९.धूम्रकेतु १०.गणाध्यक्ष ११.भालचन्द्र १२.गजानन ;
इन बारह नामों के पाठ करने व सुनने से छः स्थानों १.विद्यारम्भ २.विवाह ३.प्रवेश(प्रवेश करना) ४.निर्गम(निकलना) ५.संग्राम और ६.संकट में सभी विघ्नों का नाश होता है।

Sunday, 30 December 2018

वृषभ राशि - वार्षिक राशिफल 2019


वृषभ राशिफल - वार्षिक राशिफल 2019

वृषभ राशि , , , , वा, वी, वू, वे, वो
शुभ अंक 6, 5
शुभ दिन – सोमवार, शुक्रवार, शनिवार
शुभ रत्न पन्ना (एमराल्ड)
शुभ रंग  सफेद, हरा
शुभ दिशा – दक्षिण दिशा।
वृषभ अनुकूल देवता – माता लक्ष्मी जी और देवी सरस्वती जी
वृषभ मित्र राशियाँ – कुम्भ और मकर।
वृषभ शुभ रुद्राक्ष – छह मुखी रुद्राक्ष

वृषभ राशि स्वभाव - वृषभ राशि के जातक स्वभाव से बहुत ही दयालु होते है. इन्हे जरूरतमंद लोगो की मदद करना बहुत ही पसंद होता है. मदद के मामले में हमेशा ही आगे रहने वाले वृषभ राशि के जातक भावुक स्वभाव के भी होते है. ये अपने काम और करियर को लेकर बहुत ही सीरियस रहते है. इसका अंदाजा इनके काम के बाद ही पता चलता है. ये लोग अपने सामने बैठे हुए लोगो की दिल की बात जान लेते है लेकिन उसके सामने बिलकुल भी ऐसा रियेक्ट नहीं करते. ये अपने लक से ज्यादा अपनी मेहनत पर विश्वास करने वाले होते है. दुनिया इनके बारे में कुछ भी कहे या कुछ भी सोचे इन्हे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता. इस राशि के जातक आपने में ही मग्न रहने वाले होते है.
भविष्यफल 2019 के अनुसार छात्रों के लिए यह साल बढ़िया रहेगा. इस साल छात्रों का ध्यान अपने करियर पर अधिक रहेगा. उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रो को अच्छे अवसर प्राप्त होंगे. यही नहीं बल्कि पढ़ाई के आलावा आपकी बौद्धिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी. प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी यह साल शुभ है. इस साल छात्र सिर्फ अपने लक्ष्य पर फोकस करें क्योकि इस साल आपको अपनी मेहनत के अच्छे रिजल्ट जरूर मिलेंगे. आईआईटी की तैयारी कर रहे छात्रों को थोड़ी और अधिक मेहनत की जरूरत है. आपकी आज की मेहनत आपके भविष्य में बहुत काम आने वाली है. सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों को इस साल अच्छे परिणाम मिलने के योग बन रहे है. वे छात्र जो विदेश जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने की सोच रहे हैं, उनका यह ख़्याब इस वर्ष पूरा हो सकता है.
भविष्यफल 2019 के अनुसार यह साल करियर के लिए बहुत ही बेहतरीन रहने वाला है. इस साल आपको अपनी कड़ी मेहनत और लगन के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे. ऑफिस व कार्यक्षेत्र पर वरिष्ठ अधिकारियो और सीनियर्स का सहयोग प्राप्त होगा. व साथ ही सीनियर्स आपके काम की सराहना भी करेंगे. साल के मध्य भाग में प्रमोशन और वेतन वृद्धि के योग बन रहे है इस दौरान कार्यक्षेत्र में कोई बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है. नए व्यवसाय की शुरूआत के लिए भी यह समय अच्छा है. सरकारी क्षेत्र में जॉब कर रहे लोगो को भी इस साल कोई बड़ा फायदा हो सकता है.
भविष्यफल 2019 के अनुसार इस साल आपकी लव लाइफ बहुत ही शानदार रहने वाली है. इस दौरान आपके प्रेम जीवन में कई खुशियों के पल आएंगे. मुलाकातों के कई अवसर मिलेंगे जिनका आप फायदा भी जरूर उठाएंगे. साल के शुरुआती भाग में आप दोनों मिलकर कोई नया काम शुरू करने की सोच सकते है. वे लोग जो अपनी लाइफ में अपने लिए पार्टनर की तलाश कर रहे है उनकी मुलाक़ात भी इस साल किसी ख़ास व्यक्ति से हो सकती है. वे जातक जिनकी विवाह की उम्र हो चकी है उनके लिए भी शादी के प्रस्ताव आएंगे. साल के मध्य भाग में आप दोनों रोमांटिक सेर पर जा सकते है जो आपके रिश्ते को और अधिक मजबूत बनाएगा.
भविष्यकथन 2019 के अनुसार इस साल आपकी आर्थिक स्थिति बहुत ही बढ़िया रहेगी. इस साल आपको आर्थिक लाभ की अपार संभावना बन रही है. साल के शुरूआती भाग में आकस्मिक धन लाभ हो सकता है. यदि आपने किसी को पैसे उधार में दिए है तो इस आपको आपने पैसे वापस मिल सकते है.साल के अंतिम भाग में आप कोई नया वाहन या जमीन भी खरीद सकते है. यदि इस साल आप अपनी आय और व्यय में संतुलन बनाकर चलते है तो आप अच्छा धन संचय करने में सफल रहेंगे. इस साल नौकरी या व्यवसाय के सिलसिले में की जाने वाली यात्राएं आपके लिए लाभकारी रहेंगी।
भविष्यफल 2019 के अनुसार यह साल पारिवारिक जीवन के मामले में बहुत ही बढ़िया रहने वाला है. इस साल परिवार में शांति और आनंद का माहौल रहेगा और साथ ही खुशियों का भी आगमन होगा. घर के बड़े बुजुर्गो का सहयोग आपके लिए वरदान साबित होगा. परिवारजनों के साथ लम्बी दूरी की यात्रा पर जा सकते है.साल के मध्य भाग में परिवार में कोई धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है. घर में भाई बहनो के अच्छे व्यवहार से मन प्रसन्न रहेगा. रिश्तेदारों से कोई अच्छी खबर मिल सकती है.
भविष्यफल 2019 के अनुसार सेहत की दृष्टि से यह साल आपके लिए सामान्य रहेगा. इस साल आपकी सेहत दुरुस्त रहेगी और आप स्वयं को ऊर्जावान महसूस करेंगे। इस साल आपको सलाह दी जाती है कि काम के साथ-साथ अपने खानपान पर भी विशेष ध्यान दें और संतुलित आहार का अधिक से अधिक सेवन करें साथी ही यमित रूप से ध्यान, योग व व्यायाम भी करें.
पंडित राजन जेतली
(ज्योतिषी, आध्यात्मिक चिकित्सक एवं मन्त्र-यन्त्र परामर्शदाता)
ज्योतिष मणि, ज्योतिष शास्त्री, M.B.A.
सम्पर्क – 9971234977 एवं 9013155363 (कार्यालय)

Saturday, 29 December 2018

मेष राशि - वार्षिक राशिफल 2019

मेष राशि - वार्षिक राशिफल 2019
मेष राशि – चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो,


लकी नंबर – 6 व 9

शुभ दिन  रविवार, मंगलवार व बुधवार

शुभ रत्न – एमेथिस्ट

शुभ रंग – लाल, नारंगी, पीला

शुभ दिशा – पूर्व दिशा

मेष अनुकूल ग्रह  सूर्य, वृहस्पति, चन्द्र।

मेष राशि रत्न – मूंगा रत्न।

मेष राशि शुभ रुद्राक्ष  तीन मुखी

मेष राशि स्वभाव - मेष राशि के लोग स्वभाव से शांत और प्रभावशाली होते है. ये लोग दिल के बहुत ही मासूम होते है जिस कारण कई बार ये छोटी छोटी बातों को भी दिल से लगा लेते है. ये अपना हर काम प्रसन्नता के साथ ही करते है. भारी मन से काम करना इन्हे बिलकुल भी नहीं भाता. ये अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए काफी मेहनत करते है. इन्हे अपने भाग्य या किस्मत से ज्यादा अपनी मेहनत पर विश्वास होता है. वैसे तो ये बहुत ही शांत नजर आते है लेकिन जब इन्हे गुस्सा आता है तब ये किसी की भी नहीं सुनते.
राशिफल 2019 के अनुसार यह साल स्टूडेंस के लिए बढ़िया है. साल के शुरुआत में मेष राशि के स्टूडेंटन्स को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है हालाँकि यदि आप नियमित रूप से अपनी पढ़ाई पर फोकस करें तो बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे. करियर को लेकर बहुत अच्छे अवसर मिलने वाले है. बस जरूरत है तो इन अवसरों को समय रहते पहचनाने की. छात्र इस दौरान शिक्षा के प्रति ख़ुद को अनुशासित रखें।  पढ़ाई में निरंतरता बनाये रखने के लिए गायत्री मन्त्र का जप करें. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्रों के लिए यह साल बहुत ही फायदेमंद रहेगा. क्योकि इस साल भाग्य के पूरे साथ और आपकी सही दिशा में प्रयास आपको अच्छे रिजल्ट दिलाएंगे. उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले स्टूडेंटन्स को भी अच्छी खबर मिल सकती है साथ ही किसी विदेशी शिक्षण संस्थान में उच्च शिक्षा पाने के अवसर भी प्राप्त हो सकते है.
राशिफल 2019 के अनुसार इस साल करियर के मामले में आपको मिले जुले परिणाम प्राप्त होंगे. हालाँकि आप अपने प्रयासों से उन्नति प्राप्त करने में सफल रहेंगे. कार्यक्षेत्र में प्रमोशन की संभावना है. इसके आलावा आपकी किस्मत भी आपका पूरा साथ देगी. साल के शुरूआती भाग में आपको अधिक मेहनत करनी होगी. लेकिन आगे चलकर आपको अच्छे लाभ होंगे. यदि आप प्राइवेट जॉब कर रहे है तो आपको अभी सफलता पाने के लिए अधिक मेहनत करनी होगी. हालाँकि आपके सीनियर और आपके बॉस आपके काम की प्रशंसा भी करेंगे. काम के सिलसिले में घर से दूर रहना पड़ सकता है. सॉफ़्टवेयर इंजीनियर में अपना करियर बना रहे लोगो के लिए यह साल काफी शुभ है. इस साल विदेश जाने की संभावना भी बन रही है. सरकारी नौकरी कर रहे लोगो को इस साल करियर से जुडी कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है.
राशिफल 2019 के अनुसार यह साल पारिवारिक जीवन के लिए बहुत ही ख़ास रहने वाला है. यदि परिवार में काफी समय से कोई परेशानी चल रही है तो वह भी साल के शुरूआती भाग में ही सुधर जाएँगी. पार्टनर से मिल रहे सहयोग से आत्मविश्वास में वृद्धि देखने को मिलेगी. इस दौरान आप अपनी फैमिली के साथ छोटी दूरी की  यात्रा पर जा सकते है. परिवार में कोई धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम सम्पन्न हो सकता है. इस साल आपको अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का अहसास होगा. और आप अपनी सभी जिम्मेदारियां बहुत अच्छे से निभाएंगे. परिवार के किसी बड़े सदस्य के साथ कोई बड़ी मदद मिल सकती है. कुल मिलाकर इस साल आपका पारिवारिक जीवन बहुत अच्छा रहेगा.
राशिफल 2019 के अनुसार यह साल आर्थिक स्थिति के मामले में आपके लिए सामान्य रहेगा. साल के शुरूआत में आर्थिक स्थिति वैसे तो बढ़िया रहेगी लेकिन इस समय आपके धन ख़र्चे अधिक बढ़ सकते है. जून-जुलाई में आर्थिक स्थिति के मजबूत होने के योग बन रहे है साथ ही आर्थिक लाभ भी हो सकता हैं. यदि आप कार्यरत है तो इस साल आय में वृद्धि के योग बन रहे है. अपना व्यवसाय कर रहे लोगो को व्यवसाय से अपार मुनाफा हो सकता है. ज्योतिष अनुसार मार्च-अप्रैल और नवंबर-दिसंबर का समय वह समय है जिसमे आपकी आर्थिक स्थिति बहुत ही शानदार रहने वाला है।
स्वास्थ्य की दृष्टि से मेष राशि के लोगो के लिए यह साल सामान्य रहने वाला है. इस साल आपको अपने मन को शांत चित रखने की आवश्यकता है. वैसे तो सेहत पूरे साल बढ़िया रहने वाली है लेकिन मौसम  परिवर्तन हेतु सेहत का ध्यान रखने की काफी जरूरत है.नबंवर व  दिसंबर का महीना सेहत की दृष्टि से बहुत ही अनुकूल है. इस समय आप स्वयं को पूरी तरह से फिट महसूस करेंगे। हालाँकि साल के शुरूआती दौर में अपनी सेहत का ध्यान रखें. खुद को फ़ीट रखने के लिए नियमित रूप से योग, व्यायाम करें और अपने खान पान पर भी ध्यान दे.
नोट - यह वर्षफल वर्तमान ग्रह गोचर के अनुसार है, प्रत्येक व्यक्ति की कुण्डली के अनुसार व्यक्तिगत वर्षफल में  भिन्नता  रहेगी !
पंडित राजन जेतली

(ज्योतिषी, आध्यात्मिक चिकित्सक एवं मन्त्र-यन्त्र परामर्शदाता)
ज्योतिष मणि, ज्योतिष शास्त्री, M.B.A.
सम्पर्क – 9971234977 एवं 9013155363 (कार्यालय प्रातः 11 से सायं 5 बजे)

Tuesday, 6 November 2018

राशि - लक्ष्मी मंत्र

दीपावली के दिन अथवा सामान्य तौर पर भी यदि आप अपनी राशि के अनुसार लक्ष्मी मंत्र का जाप करें तो उत्तम है, वैसे तो हमारी पुस्तक जिनके पास है उनके पास मन्त्र उपलब्ध हैं फिर भी आप सभी के लिए हम मन्त्र नीचे दे रहे हैं।

*राशि - लक्ष्मी मंत्र*

मेष - ॐ ऐं क्लीं सौं:

वृषभ - ॐ ऐं क्लीं श्रीं

मिथुन - ॐ क्लीं ऐं सौं:

कर्क - ॐ ऐं क्लीं श्रीं

सिंह - ॐ ह्रीं श्रीं सौं:

कन्या - ॐ श्रीं ऐं सौं:

तुला - ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं

वृश्चिक - ॐ ऐं क्लीं सौं:

धनु - ॐ ह्रीं क्लीं सौं:

मकर - ॐ ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं सौं:

कुंभ - ॐ ह्रीं ऐं क्लीं श्रीं

मीन - ॐ ह्रीं क्लीं सौं:

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*दीपावली के उपाय*

*दीपावली के उपाय*

- सुबह नहाने के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें

- मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वस्तिक बनायें

- सुबह अपने सामर्थ्य अनुसार गेहूँ का दान करें

- घर में नमक मिले हुए पानी से पोछा लगायें

- आम के पत्तों का तोरण अपने दरवाजे पर लगायें

-मुख्य द्वार के दोनों तरफ गेहूँ के ढेर पर दीपक जलायें

- बिल्व वृक्ष / पीपल / गुलर के नीचे दीपक जलायें

*संक्षिप्त लक्ष्मी पूजन :*

चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर लक्ष्मी जी-गणेश जी सरस्वती जी और विष्णु जी की प्रतिमा /फोटो रखें, कुबेर जी की कोई फोटो या मूर्ति है तो वो भी रख सकते हैं
कोशिश कीजिये बैठ कर पूजन करें बहुत सारे घरों में मंदिर दिवार में लगाये होते हैं, आज के दिन जमीन पर चौकी बिछाकर, आसन बिछाकर बैठकर ही पूजन करें ।

कलश स्थापित करें

दो बड़े दीपक जलायें (1 तेल बायीं तरफ), 1 घी (दाईं तरफ)
एक दीपक गणेश जी के लिए भी जलायें

पूजा में इत्र की शीशी रखें, रुई पर इत्र लगाकर लक्ष्मी जी को समर्पित करें

भोग सामग्री:
नारियल
मखाना, सिंघाड़ा व सीताफल (शरीफा)
गन्ना, अनार, सेब व केला
बताशे
शहद वाला पान
कमलगट्टा, सुपारी, इलाइची, आँवला, तुलसी व सुपारी
सफ़ेद मिठाई

श्री सूक्त, महालक्ष्मी अष्टक या अपनी सुविधानुसार कोई भी महालक्ष्मी मंत्र जाप करें

लक्ष्मी जी की आरती करें

क्षमा प्रार्थना एवं शांति पाठ करें

पूजा के बाद पूरे घर में अलक्ष्मी निष्कासन के लिए शंख व डमरू बजाएं।

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Monday, 5 November 2018

दीपावली पर अपनी राशि का यह उपाय कर लें, मां लक्ष्मी ठहर जाएंगी आपके घर

*इस दीपावली पर अपनी राशि का यह उपाय कर लें, मां लक्ष्मी ठहर जाएंगी आपके घर में*

इस दीपावली अवसर न जाने दें अपनी राशि का उपाय कर ही डालें, बहुत सरल हैं यह 12 उपाय

दीपावली सिद्ध शुभ मुहूर्त है। इसे किसी भी तरह यूं ही नहीं जाने देना चाहिए। इस दिन कई प्रयोग किए जाते हैं, लेकिन राशि के अनुसार उपाय आजमा कर लाभ को कई गुना बढ़ाया जा सकता है।

(1) मेष राशि : गणेशजी को बूंदी के लड्डू चढ़ाएं। रंगीन कंबल या गर्म कपड़े दान करें। कुत्तों को इमरती खिलाएं। नैऋत्य कोण में सरसों का दीपक रातभर जलाएं। पंडित राजन जेतली

(2) वृषभ राशि : हनुमानजी को गुड़-चना चढ़ाएं। बच्चों को रेवड़ियां बांटें। दक्षिण दिशा में तिल के तेल का दीपक जलाएं।पंडित राजन जेतली

(3) मिथुन राशि : पानी वाला नारियल तथा बादाम दुर्गाजी को या काली मंदिर में दक्षिणा सहित चढ़ाएं (रात्रि में)। पक्षियों को दाना चुगाएं। घर के बड़ों-बुजुर्गों को वस्त्रादि भेंट करें। घर के नैऋत्य कोण में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।पंडित राजन जेतली

(4) कर्क राशि : हनुमानजी को बेसन के लड्डू चढ़ाएं। काली उड़द दान करें। तेल लगी रोटी कु्तों को खिलाएं। पश्चिम दिशा में घी का दीपक लगाएं।पंडित राजन जेतली

(5) सिंह राशि : सप्तधान दान करें। उड़द का सामान बांटें। घर के नैऋत्य कोण में सरसों के तेल का दीपक लगाएं।पंडित राजन जेतली

(6) कन्या राशि : शनि मंदिर में तेल का दीपक लगाकर तेल दान करें। गरीबों को भोजन दान करें। नैऋत्य कोण में सरसों के तेल का दीपक लगाएं।पंडित राजन जेतली

(7) तुला राशि : पीपल में मीठा जल चढ़ाकर तेल का दीपक लगाएं रात्रि में। घर के पश्चिम में घी का दीपक तथा नैऋत्य में तेल का दीपक लगाएं।पंडित राजन जेतली

(8) वृश्चिक राशि- रंगीन कंबल दान करें। घर के ब्रह्मस्थल पर घी का दीपक रातभर जलाएं। हनुमानजी को लड्डू का नैवेद्य लगाएं।पंडित राजन जेतली

(9) धनु राशि : गणेशजी को लड्डू चढ़ाएं। गाय को रोटी पर घी तथा गुड़ रखकर खिलाएं। शिवजी को जल में काले तिल मिलाकर चढ़ाएं। घर के नैऋत्य कोण में तेल का दीपक लगाएं।पंडित राजन जेतली

(10) मकर राशि : साबुत मसूर दान करें। घर के बड़ों को भेंट दें। घर की दक्षिण दिशा में तिल के तेल का दीपक लगाएं।पंडित राजन जेतली

(11) कुंभ राशि : दुर्गाजी को नारियल चढ़ाएं। पक्षियों को दाना चुगाएं। घर के नैऋत्य कोण में सरसों के तेल का दीपक लगाएं। सुगंधित जल से रुद्राभिषेक करें।पंडित राजन जेतली

(12) मीन राशि : शनि मंदिर में दीपक, तेल तथा काली उड़द दान करें। तेल लगी रोटी कुत्तों को खिलाएं। पश्चिम दिशा में घी का दीपक लगाएं।पंडित राजन जेतली

Pandit Rajan Jaitly
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Sunday, 4 November 2018

धनतेरस की पूजन विधि

*धनतेरस पूजन विधि*
(घर में धन धान्य वृद्धि और सुख शांति के लिए)

दिवाली से पहले धनतेरस पर पूजा का विशेष महत्व होता है. इस दिन धन और आरोग्य के लिए भगवान धन्वंतरि, भगवान महामृत्युंजय शिव, कुबेर और लक्ष्मी की पूजा की जाती है, साथ में धन को कमाने और उसके सदुपयोग की सद्बुद्धि के लिए गायत्री और गणेश के मन्त्रों से पूजा की जाती है। "पंडित राजन जेतली"

1- गुरु आवाहन मंत्र - *ॐ गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु, गुरुदेवो महेश्वरः । गुरु साक्षात परब्रह्म, तस्मै श्री गुरुवे नमः ।।*

2 - गणेश आवाहन मन्त्र - *ॐ एक दन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात ।।*

3- लक्ष्मी आवाहन मंत्र - *ॐ महा लक्ष्म्यै विद्महे, विष्णु प्रियायै धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ।*

4 -दीपदान मंत्र ( कम से कम 5 या 11 या 21 घी के दीपकों को प्रज्वल्लित करें )-

*ॐ अग्निर्ज्योतिर्ज्योतिरग्नी: स्वाहा । सूर्यो ज्योतिर्ज्योतिः सूर्यः स्वाहा । अग्निर्वर्च्चो ज्योतिर्वर्च्चो स्वाहा । सूर्यो वर्च्चो ज्योतिर्वर्च्च: स्वाहा । ज्योतिः सूर्य्यः सूर्यो ज्योतिः स्वाहा ।।*

5 - चौबीस (24) बार गायत्री मंत्र का जप करें - *ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम् , भर्गो देवस्य धीमहि धियो योनः प्रचोदयात् ।*

6 - तीन बार महामृत्युंजय मंत्र का जप करें - *ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टि वर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।*

7 - तीन बार लक्ष्मी गायत्री मंत्र का जप करें - *ॐ महा लक्ष्म्यै विद्महे, विष्णु प्रियायै धीमहि । तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॥*

8 - तीन बार गणेश मंत्र का जप करें - *ॐ एक दन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दंती प्रचोदयात् ॥*

9 - तीन बार कुबेर का मंत्र जप करें - *ॐ यक्ष राजाय विद्महे, वैश्रवणाय धीमहि, तन्नो कुबेराय प्रचोदयात्॥*

10 -  तीन बार आरोग्य देवता धन्वन्तरि गायत्री मन्त्र का जप करें- *ॐ तत् पुरुषाय विद्महे, अमृत कलश हस्ताय धीमहि, तन्नो धन्वन्तरि  प्रचोदयात्*

11 - शान्तिपाठ - *ॐ शांतिः शांतिः शांतिः ।*

दीपक नकारात्मकता का शमन कर सकारात्मक दैवीय शक्तियों को घर में प्रवेश देता है। इसलिए दीपक की जगह विद्युत् से जलने वाली LED या किसी भी प्रकार की लाईट नहीं ले सकती। घर के मुख्य् द्वार पर दो घी या सरसों या तिल के तेल के रुई बाती वाले दीपक, एक तुलसी के पास, एक रसोईं में और एक बड़ा मुख्य् दीपक सूर्यास्त के बाद जलाकर रख दें। फिर कलश स्थापना कर पूजन करें। दीपयज्ञ / दीपदान के बाद घर की तिज़ोरी / लेपटॉप / बैंक की पासबुक इत्यादि का पूजन अवश्य करें।

*धनतेरस 5 नवंबर 2018 की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त* *शाम 06:37 से लेकर 08:01* के बीच तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में पूजा करने से धन, स्वास्थ्य और आयु बढ़ती है।

*घर में बना हलवा या खीर प्रसाद में चढ़ाएं। यदि बजट है तो चांदी या स्वर्ण का कुछ भी सामान ख़रीद ले शाम 6:30 से पहले, उसे दूध में नहला के पूजन स्थल में साफ़ स्टील की कटोरी में लाल वस्त्र के ऊपर रख लें। उसका तिलक चन्दन कर पूजन के पश्चात् तिज़ोरी में रख दें, दीपावली के दिन पुनः उसका पूजन होगा।*

*पंडित राजन जेतली शास्त्री*
दिल्ली
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Friday, 28 September 2018

बजरंग बाण

बजरंग बाण

हनुमान चालीसा की तरह ही श्री बजरंग बाण भी एक सिद्ध स्तोत्र है। इस सिद्ध शक्तिशाली बाण को विधि पूर्वक प्रयोग करने से साधक के समस्त कष्टों का निवारण हो जाता है। इस बाण की सिद्धि करने से साधक के शरीर में हनुमान जी की शक्ति प्रवेश कर जाती है PANDITRAJANJAITLY.BLOGSPOT.COM

जिस घर में प्रतिदिन बजरंग बाण का पाठ होता है, वहां स्वयं हनुमान जी विराजमान रहते हैं और सभी प्रकार की बाधाओं से घर मुक्त रहता है।  जो भक्त रामलीलाओं में धन आदि देकर भगवान राम के चरित्र का वर्णन आम जन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं वे #आर्थिक दृष्टि से संपन्न तो हो ही जाते हैं अपितु धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की सिद्धि भी उन्हें मिल जाती है। #रामायण का अखंड पाठ व सुंदर कांड का पाठ जन-जन में एक नवीन चेतना का संचार करे । उन घरों में उन्नति व विकास की धारा सदा बहती है।

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Thursday, 30 August 2018

महालक्ष्म्याष्टकम (महा लक्ष्मी अष्टक)

महालक्ष्म्याष्टकम (महालक्ष्मी अष्टक)

नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते ।
शङ्खचक्रगदाहस्ते# महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥१॥

नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयंकरि ।
सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥२॥

सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयंकरि ।
सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥३॥

सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि ।
मन्त्रमूर्ते सदा देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥४॥

आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि ।
योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥५॥

स्थूलसूक्ष्ममहारौद्रे महाशक्तिमहोदरे ।
महापापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥६॥

पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणि ।
परमेशि जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥७॥

श्वेताम्बरधरे देवि नानालङ्कारभूषिते ।
जगत्स्थिते जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥८॥

महालक्ष्म्यष्टकं स्तोत्रं यः पठेद्भक्तिमान्नरः ।
सर्वसिद्धिमवाप्नोति राज्यं प्राप्नोति सर्वदा ॥९॥

एककाले पठेन्नित्यं महापापविनाशनम् ।
द्विकालं यः पठेन्नित्यं धनधान्यसमन्वितः ॥१०॥

त्रिकालं यः पठेन्नित्यं महाशत्रुविनाशनम् ।
महालक्ष्मिर्भवेन्नित्यं प्रसन्ना वरदा शुभा ॥११॥

संकलन:
पंडित राजन जेतली शास्त्री
दिल्ली

Monday, 24 April 2017

अक्षय तृतीया (28 अप्रैल 2017)

अक्षय तृतीया (28 अप्रैल 2017)
अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है।अक्षय का अर्थ है कभी न क्षय समाप्त होने वाला। सम्पूर्णं कामनाओं को प्रदान करने वाला यह व्रत वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को किया जाता है यदि यह तृतीया रोहिणी नक्षण से युक्त हो तो विशेष रूप से पूज्य मानी जाती है।भविष्य पुराण के अनुसार इस तिथि की युगादि तिथियों में गणना होती है, सतयुग और त्रेता युग का प्रारंभ इसी तिथि से हुआ है। भगवान विष्णु ने नर-नारायण, हयग्रीव और परशुराम जी का अवतरण भी इसी तिथि को हुआ था। ब्रह्माजी के पुत्र अक्षय कुमार का आविर्भाव भी इसी दिन हुआ था। इस दिन श्रीबद्रीनाथ जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है और श्री लक्ष्मी नारायण-लक्ष्मी नारायण के दर्शन किए जाते हैं। प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बद्रीनारायण के कपाट भी इसी तिथि से ही पुनः खुलते हैं।इस दिन दिया गया दान, किया हुआ हवन और जप सभी अक्षय बतलाये गये हैं। जो स्त्री सब प्रकार के सुख चाहती है उन्हें यह व्रत अवश्य करना चाहिए। यह व्रत करके स्त्री अखण्ड सौभाग्यवती होती है, इस व्रत अनुष्ठान करने वाले की संतान अक्षय हो जाती है और की हुई कामना पूर्ण होती है। अक्षय तृतीया के दिन की गई साधना व पूजा का फल कभी कम नहीं होता इसलिए इसे बहुत ही शुभ दिन माना जाता है :-
1. आपके पास धन की कोई कमी न हो :- *मंत्र- ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं दारिद्रय विनाशके जगत्प्रसूत्यै नम:।।* अक्षय तृतीया के दिन यह प्रयोग प्रारंभ करें। इसके बाद प्रतिदिन अपनी इच्छानुसार इस मंत्र का जप करें। जप के लिए कमलगट्टे की माला का उपयोग करें। माला जपते समय सामने देवी लक्ष्मी का चित्र तथा शुद्ध घी का दीपक जलते रहना चाहिए। 12 लाख मंत्र जप होने पर यह मंत्र सिद्ध हो जाता है।
2. विवादों से परेशान है : - मंत्र
*।।सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वित:। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय:।।*
अक्षय तृतीया रात्रि में पूजन के कमरे काली मां की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। अपने सामने बाजोट पर सफेद वस्त्र बिछाकर काली यंत्र स्थापित करें। चित्र एवं यंत्र पर लाल फूल चढ़ाएं। यंत्र का पूजन करें। रात्रि में 10 बजे बाद 108 बार(एक माला) स्फटिक माला से इस मंत्र का जप करें। इस दौरान दीपक व अगरबत्ती जलती रहना चाहिए। इस क्रिया को तीन दिन तक इसी प्रकार दोहराएं। साधना समाप्ति के बाद मां काली से विवाद मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।
3. धन प्राप्ति के लिए : - माता लक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र को ताम्बे की बड़ी थाली में स्थापित कर पूजना चाहिए, देवी को धूप दीप, नवैद्य,पंचामृत व दक्षिणा अर्पित करें, उत्तर दिशा की ओर मुख रख कर मंत्र का जाप करें, 9 माला मंत्र जाप करें या विशेष इच्छाओं हेतु 21 माला करनी चाहिए, लाल रंग के आसन पर बैठ कर ही जाप करें, खीर का प्रसाद चढ़ाएं व बाँटें, देवी को नारियल व पुष्प माला अर्पित करें ।
*मंत्र-।।ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं श्रीं कमालात्मिके स्वाहा:।।*
4. बिमारियों से मुक्ति : - अक्षय तृतीया को माँ पार्वती जी की पूजा करनी चाहिए, देवी को लाल चुनरी चढ़ाएं,पान, लौंग,इलायची आदि अर्पित करें, उत्तर दिशा की ओर मुख रख कर मंत्र का जाप करें, 11 माला करनी चाहिए, लाल रंग के आसन पर बैठ कर ही जाप करें, फलों का प्रसाद अर्पित करें, कमल के या कनेर के फूल अर्पित करें ।
*मंत्र - ।।ॐ श्रीं अष्टचक्र नायिके स्वाहा:।।*
5. कभी न होगी पैसे की कमी : - अक्षय तृतीया की रात को साधक शुद्धता के साथ स्नान कर पीली धोती धारण करे और एक आसन पर उत्तर की ओर मुंह करके बैठ जाएं तथा सामने सिद्ध लक्ष्मी यंत्र को स्थापित करें जो विष्णु मंत्र से सिद्ध हो और स्फटिक माला से निम्न मंत्र का 21 माला जप करें। मंत्र जप के बीच उठे नहीं ।
*मंत्र - ।।ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं ऐं ह्रीं श्रीं फट्।।*

Sunday, 22 January 2017

घर के पूजा मंदिर से सम्बंधित सावधानियां और नियम

घर के पूजा मंदिर से सम्बंधित सावधानियां और नियम

👉 देवालय मंदिर या गुंबद के आकार का न बनाकर ऊपर से चपटा बनवाएं परंतु उसपर कुछ न रखें।

👉 देवालय जहाँ तक हो सके ईशान कोण में रखें। यदि ईशान न मिले तो पूर्व या पश्चिम में स्थापित करें।

👉 देवालय में कुल देवता, देवी, अन्नपूर्णा, गणपति, श्रीयंत्र आदि की स्थापना करें।

👉 तीर्थ स्थानों से खरीदी मूर्तियों को देवालय में न रखें। पारंपरिक मूर्तियों की ही पूजा करें।

👉 आसन बिछाकर मूर्तियाँ रखें। पूजा करते समय आप भी आसन पर बैठकर पूजा करें।

👉 मूर्तियाँ किसी भी हालत में चार इंच से अधिक लंबी न हों।

👉 नाचते गणपति, तांडव करते शिव, वध करती कालिका आदि की मूर्तियाँ या तस्वीरें न रखें।

👉 महादेव के लिंग के रूप की आराधना करना उत्तम है।

👉 पूजा करते समय मुख उत्तर या पूर्व की ओर रखें।

👉 पूजा में शंख-घंटे का प्रयोग अवश्य करें।

👉 निर्माल्य-पुष्प-नारियल आदि पूजा के पश्चात विसर्जित करें, घर में न रखें।

👉 पूजा के पवित्र जल को घर के हर कोने में छिड़कें।

👉 मीठी वस्तुओं का भोग लगाएँ।

👉 खंडित मूर्तियों का विसर्जन कर दें। विसर्जन से पहले उन्हें भोग अवश्य लगाएँ।

*हर-हर महादेव*

आपका अपना 
*पंडित राजन जेतली*

Tuesday, 1 March 2016

विशेष जानकारी

इस महाशिवरात्रि सोमवार व महाशिवरात्रि के विशेष योग पर एक विशेष जानकारी

भारतीय धार्मिक और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान शंकर अपने साकार रूप में संपूर्ण ब्रह्म में होने का एकमात्र कारण हैं। अपने निराकार रूप में वेदों ने इन्हें ही ब्रह्म परमेशवर कहा है। अपने साकार रूप में यही भोले भंडारी बनकर अपने भक्तों के दुख, दरिद्रता और दुर्भाग्य को हर लेते हैं। तभी तो लोग हर हर महादेव कहकर जयकारा लगाते हैं। संपूर्ण ब्रह्म को हरने का काम इन्हीं का ही है। महेशवर बनकर मृत्यु को हरते हैं, भंडारी बनकर लोगों के भंडार भरते हैं और आशुतोष बनकर लोगों के दुख और पीड़ाएं हरते हैं। यही एकमात्र ऐसे भगवान हैं जो सर्वाधिक जटिल होकर सर्वाधिक सरल भी हैं। मात्र जल, कांटे और पत्ते चढ़ाने से ही यह भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी कर लेते हैं कुछ विशेष पत्ते चढ़ाकर आप अपने दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल सकते हैं।

* बिल्व पत्र चढ़ाने पर सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
* पीपल के पत्ते चढ़ाने पर शनिदोष और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
* बरगद के पत्ते चढ़ाने से जीव की रक्षा होती है और दुर्धटनाओं से रक्षा होती है।
* आशोक के पत्ते चढ़ाने से यश बढ़ता है और संतान से संबंधित बाधाएं नष्ट होती हैं।
* आम के पत्ते चढ़ाने से अपार धन-संपत्ती प्राप्त होती है।
* आंकड़े के पत्ते चढ़ाने से मानसिक विकार दूर होते हैं।
* अनार के पत्ते चढ़ाने से दुख-दरिद्रता दूर होती है।

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(ज्योतिषाचार्य, आध्यात्मिक चिकित्सा विशेषज्ञ व मन्त्र-यन्त्र-तन्त्र साधक)
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Sunday, 21 February 2016

तेल का दीपक

अगर हमे शत्रुओं से पीड़ा हो, तो सरसों के तेल का दीपक भैरवजी के सामने जलाना चाहिए।
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भगवान सूर्य की प्रसन्नता के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
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शनि ग्रह की प्रसन्नता के लिए तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए।

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पति की आयु के लिए महुए के तेल का
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राहू-केतू ग्रह के लिए अलसी के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
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किसी भी देवी या देवता की पूजा में शुद्ध गाय का घी या एक फूल बत्ती या तिल के तेल का दीपक आवश्यक रूप से जलाना चाहिए।
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भगवान गणेश की कृपा प्राप्ति के लिए तीन बत्तियों वाला घी का दीपक जलाना चाहिए।
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भैरव साधना के लिए चौमुखा सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
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मुकदमा जीतने के लिए पांच मुखी दीपक जलाना चाहिए।
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भगवान कार्तिक की प्रसन्नता के लिए भी पांच मुखी दीपक जलाना चाहिए।
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Tuesday, 5 January 2016

11 चमत्कारी हनुमान मंत्र बोलकर अपनी किस्मत चमकाएँ

11 चमत्कारी हनुमान मंत्र बोलकर अपनी किस्मत चमकाएँ
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ज़िंदगी में किसी भी संकल्प को पूरा करने के लिए कई मुश्किलें सामने आती है। इससे मन और इच्छाशक्ति विचलित हो जाती है। अपने मन और इच्छाओं पर काबू करके किसी भी लक्ष्य को पाना आसान हो जाता है, मन और विचारों को अच्छा रखने के लिए ईश्वर में आस्था और ध्यान सबसे अच्छा तरीका है।
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देवी के रक्षक व सेवक माने गए रुद्र अवतार हनुमानजी के चमत्कारी मंत्र, जिनके स्मरणभर से सौभाग्य प्राप्त होता है। हिन्दू धर्म में देव उपासना से शक्ति, संयम और ऊर्जा पाने के लिए रुद्रावतार श्रीहनुमान का स्मरण किया जाता है। श्रीहनुमान चरित्र मजबूत इरादों और संकल्प शक्ति से सफलता का संदेश देता है।
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शनिवार या मंगलवार के अलावा संयम व साधना के काल आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में किसी भी रूप में श्रीहनुमान का स्मरण सफलता की चाह रखने वाले हर इंसान के लिए बहुत ही शुभ है।
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श्रीहनुमान उपासना से किसी भी मनोकामना सिद्धि के लिए स्नान के बाद पवित्र वस्त्र व मनोभावों के साथ सिंदूर, लाल फूल, गुड़ से बनी मिठाई या गुड़-चने का भोग लगाएं। लाल आसन पर बैठ गुग्गल धूप व दीप लगाकर अपनी इच्छा के मुताबिक मंत्रों का स्मरण रुद्राक्ष की माला से 108 बार या यथाशक्ति करें-
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ऊँ महावीराय नम: - बल, ऊर्जा व शक्ति
ऊँ दृढव्रताय नम: - मजबूत संकल्प शक्ति
ऊँ योगिने नम: - मानसिक एका्रग्रता, बल और संयम
ऊँ सर्वग्रह विनाशिने नम: - सर्व ग्रहदोष शांति
ऊँ शूराय नम: - साहस और आत्मबल
ऊँ सर्वरोगहराय नम: - सभी रोगों से मुक्ति
ऊँ शान्ताय नम: - शांति और सुख प्राप्ति और सारे कलह से मुक्ति
ऊँ चिरंजीविने नम: - लंबा और स्वस्थ जीवन
ऊँ रामदूताय नम: - देव कृपा और भक्ति
ऊँ प्रसन्नात्मने नम: - प्रसन्नता और सुख
ऊँ श्रीमते नम: - समृद्धि, वैभव और ऐश्वर्य

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पंडित राजन जेटली
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