ASTROLOGER, Spiritual Healer & Mantra - Yantra - Tantra Sadhak (ज्योतिषी, आध्यात्मिक चिकित्सक व मन्त्र-यन्त्र-तन्त्र साधक)
Saturday, 25 August 2012
Wednesday, 22 August 2012
उपाय / Upay : समस्याओं के निवारण के लिए / FOR SOLVING HURDLES
यदि प्रयासों के बावजूद भी हमेशा धनाभाव बना रहता हो तो तांबे के तीन पात्र लें। जिसमें सवा किलो सामान आ जाए। एक पात्र में सवा किलो साबूत उड़द, दूसरे पात्र में साबूत मूंग और तीसरे पात्र में सवा किलो साबूत नमक भर दें। इन तीनों पात्रों को अपने घर के ईशान कोण में कही भी रख दें। समस्याओं का निवारण होगा। प्रत्येक बुधवार को यह उपाय करें। बुधवार के दिन उड़द और साबूत नमक गौशाला में दान दें। और साबूत मूंग किन्नर को या मंदिर में दान में दें।
Tuesday, 21 August 2012
वास्तु शुद्धि के सरल उपाय
वास्तु शुद्धिके सरल उपाय :
१. घरमें तुलसीके पौधे लगायें |
२. घर एवं आसपासके परिसरको स्वच्छ रखें |
३. घरमें नियमित गौ मूत्रका छिड़काव करें |
४. घरके अंदर सप्ताहमें दो दिन कच्चे नीम पत्तीकी धूनी जलाएं |
५. घरमें कंडेको प्रज्ज्वलित कर धुना एवं लोबानसे धूप दिखाएँ |
६. घरके चारों दीवारपर वास्तु शुद्धिकी सात्त्विक नामजपकी पट्टियाँ लगाएँ |
७. संतोंके भजन, स्त्रोत्र पठन या सात्त्विक नामजपकी ध्वनि चक्रिका (C.D) चलायें |
८. घरमें मृत पितरके चित्र अपनी दृष्टिके सामने न रखें |
९. घरमें कलह-क्लेश टालें, वास्तु देवता “तथास्तु” कहते रहते हैं अतः क्लेशसे कष्ट और बढ़ता है एवं धनका नाश होता है |
१० घरमें सत्संग प्रवचनका आयोजन करें | अतिरिक्त स्थान घरमें हो, तो धर्म-कार्य हेतु या साप्ताहिक सत्संग हेतु, उस स्थानको किसी संत या गुरुके कार्य हेतु अर्पण करें |
११. संतोंके चरण घरमें पड़नेसे, घरकी वास्तु १०% तक शुद्ध हो जाती है अतः संतोके आगमन हेतु अपनी अपनी भक्ति बढ़ाएं |
१२. प्रसन्न एवं संतुष्ट रहें, घरके सदस्योंके मात्र प्रसन्नचित्त रहनेसे घरकी ३०% तक वास्तुकी शुद्धि हो जाती है |
१३॰ घरमें अधिकसे अधिक समय, सभी कार्य करते हुए नामजप करें |
१४. सुबह और संध्या समय घरके सभी सदस्य मिलकर पूजा स्थलपर आरती करें |
१५. घर के पर्दे, दीवार, चादर इत्यादिके रंग काले, बैंगनी या गहरे रंगके न हों यह ध्यान रखें |Top of Form
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Monday, 20 August 2012
उपाय / Upay : मान हानि के निवारण का उपाय / REMEDY FOR RESOLVING LOSS OF RESPECT ....
वैसे तो जो मनुष्य मान-सम्मान के चक्कर में पड़ा रहता है वह हमेशा दुखी रहता है। फिर भी आप चाहते हैं कि आपके कार्य की सराहना हो, लोग आपका मान-सम्मान करें, आपको यश मिले तो रात को सोने से पूर्व अपने सिरहाने तांबे के लोटे में जल भरकर रखें और प्रात:काल इस जल को अपने ऊपर से सात बार उसार करके कांटे वाले पेड़ की जड़ में डाल दें। ऐसा नियमित 40 दिन तक करें। अवश्य लाभ मिलेगा।
Saturday, 18 August 2012
दुश्मनों का डर तो दूर होगा
जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। ऐसे समय में कुछ लोग अच्छे दोस्त बन जाते हैं वहीं कुछ दुश्मन भी हो जाते हैं। कुछ लोगों को हमेशा दुश्मनों का डर सताता रहता है। ऐसे में यदि नीचे लिखे मंत्र का जप किया जाए तो दुश्मनों का डर तो दूर होगा ही साथ ही हनुमानजी की कृपा भी प्राप्त होगी। दुश्मन यदि आपका कुछ बुरा करना भी चाहेगा तो इस मंत्र का प्रभाव से वह कभी भी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएगा।
मंत्र
ऊँ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा
मंत्र
ऊँ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा
जप विधि
- सुबह जल्दी उठकर सर्वप्रथम स्नान आदि नित्य कर्म से निवृत्त होकर साफ वस्त्र पहनें।
- इसके बाद अपने माता-पिता, गुरु, इष्ट व कुल देवता को नमन कर कुश का आसन ग्रहण करें।
- पारद हनुमान प्रतिमा के सामने इस मंत्र का जप करेंगे तो विशेष फल मिलता है।
- जप के लिए लाल हकीक की माला का प्रयोग करें।
Friday, 17 August 2012
उपाय: कार्य सफलता के लिए
किसी भी शुभ कार्य के लिए घर से बाहर निकलने से पूर्व दही में गुड़ या चीनी मिलाकर सेवन करके बाहर निकलने से कार्य में सफलता मिलती है। साथ ही घर से बाहर निकलते समय अपने पास कुछ धन राशि रख दें इस धन राशि से किसी जरूरत मंद व्यक्ति को खाने की चींज देकर निकल जाएं कार्य सफलता मिल जाएगी।
Tuesday, 14 August 2012
सोचा काम बनाने के लिए
उपाय: सोचा काम बनाने के लिए
संपूर्ण प्रयासो के बावजूद भी सोचा हुआ काम पूरा नहीं होता हो तो मंगलवार के दिन यह उपाय प्रारंभ करें। और लगातार 21 मंगलवार करें। हर मंगलवार को नित्यकर्म से निवृत होकर स्नानोपरांत जटा वाले नारियल के ऊपर सवा मीटर लाल कपड़ा लपेटकर 21 बार कलावा लपेट लें। तत्पश्चात लाल कपड़े के ऊपर 21 कुंकुम की बिंदी लगा लें। नारियल को अपने ऊपर से 21 बार उसार कर के अपने पूजाा स्थान में रख दें। वहीं बैठकर एक पाठ सुंदरकांड का पाठ करें। तपश्चात अपनी मनोकामना का ध्यान करते हुए इस नारियल को बहते पानी व तालाब में प्रवाह कर दें।
संपूर्ण प्रयासो के बावजूद भी सोचा हुआ काम पूरा नहीं होता हो तो मंगलवार के दिन यह उपाय प्रारंभ करें। और लगातार 21 मंगलवार करें। हर मंगलवार को नित्यकर्म से निवृत होकर स्नानोपरांत जटा वाले नारियल के ऊपर सवा मीटर लाल कपड़ा लपेटकर 21 बार कलावा लपेट लें। तत्पश्चात लाल कपड़े के ऊपर 21 कुंकुम की बिंदी लगा लें। नारियल को अपने ऊपर से 21 बार उसार कर के अपने पूजाा स्थान में रख दें। वहीं बैठकर एक पाठ सुंदरकांड का पाठ करें। तपश्चात अपनी मनोकामना का ध्यान करते हुए इस नारियल को बहते पानी व तालाब में प्रवाह कर दें।
Monday, 13 August 2012
उपाय / Upay : धन प्राप्ति के लिए उपाय / REMEDY FOR GAIN OF WEALTH OF PROSPERITY ....
उपाय / Upay : धन प्राप्ति के लिए उपाय / REMEDY FOR GAIN OF WEALTH OF PROSPERITY ....
धन प्राप्ति में कनकधारा यंत्र की अपनी ही एक महिमा है यदि श्रद्धापूर्वक अपने घर में कनकधारा यंत्र को स्थापित करके नित प्रतिदिन धूप-दीप, नैवेद्य और पुष्प अर्पित करें तो बहुत लाभ होगा। इसके साथ ही प्रतिदिन घी का दीपक जला कर "ॐ वं श्री वं एं ह्रीं क्लीं कनकधारायै स्वाहा" कनकधारा मंत्र को स्फटिक की माला पर ग्यारह माला प्रतिदिन सुबह और शाम जाप करने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जीवन की सारी समस्याओं का निवारण हो जाता है।
धन प्राप्ति में कनकधारा यंत्र की अपनी ही एक महिमा है यदि श्रद्धापूर्वक अपने घर में कनकधारा यंत्र को स्थापित करके नित प्रतिदिन धूप-दीप, नैवेद्य और पुष्प अर्पित करें तो बहुत लाभ होगा। इसके साथ ही प्रतिदिन घी का दीपक जला कर "ॐ वं श्री वं एं ह्रीं क्लीं कनकधारायै स्वाहा" कनकधारा मंत्र को स्फटिक की माला पर ग्यारह माला प्रतिदिन सुबह और शाम जाप करने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जीवन की सारी समस्याओं का निवारण हो जाता है।
Saturday, 11 August 2012
उपाय / Upay : चोरी व नुकसान से रक्षा हेतु / For reducing thefts and losses ...
उपाय / Upay : चोरी व नुकसान से रक्षा हेतु / For reducing thefts and losses ...
यदि आपके घर में बार-बार चोरी होती हो या आपको यात्रा में नुकसान उठाना पड़ता हो तो रविवार के दिन अपाहिज लोगों को अवश्य भोजन कराएं।
शनिवार के दिन सूर्योदय से पूर्व नित्यकर्म से निवृत होकर स्नानोपरात अपने घर में तेल का दीपक जलाएं। 108 बार ऊँ शं श्रुतिप्रिताय नम:मंत्र का जाप करें। तत्पश्चात श्रीशनिदेव के चरणों में तेल अर्पित करें। निर्धन, गरीब व जरूरतमंद लोगों को श्रद्धानुसार दक्षिणा देने के साथ चमड़े के जूते भी दान में दे।
यदि आपके घर में बार-बार चोरी होती हो या आपको यात्रा में नुकसान उठाना पड़ता हो तो रविवार के दिन अपाहिज लोगों को अवश्य भोजन कराएं।
शनिवार के दिन सूर्योदय से पूर्व नित्यकर्म से निवृत होकर स्नानोपरात अपने घर में तेल का दीपक जलाएं। 108 बार ऊँ शं श्रुतिप्रिताय नम:मंत्र का जाप करें। तत्पश्चात श्रीशनिदेव के चरणों में तेल अर्पित करें। निर्धन, गरीब व जरूरतमंद लोगों को श्रद्धानुसार दक्षिणा देने के साथ चमड़े के जूते भी दान में दे।
Wednesday, 8 August 2012
कर्ज निवारण के लिए उपाय...
कर्ज निवारण के लिए उपाय...
- शनिवार को ऋणमुक्तेश्वर महादेव का पूजन करें।
- मंगल की भातपूजा, दान, होम और जप करें।
- मंगल एवं बुधवार को कर्ज का लेन-देन न करें।
- लाल, सफेद वस्त्रों का अधिकतम प्रयोग करें।
- श्रीगणेश को प्रतिदिन दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं।
- श्रीगणेश के अथर्वशीर्ष का पाठ प्रति बुधवार करें।
- शिवलिंग पर प्रतिदिन कच्चा दूध चढ़ाएं।
- शनिवार को ऋणमुक्तेश्वर महादेव का पूजन करें।
- मंगल की भातपूजा, दान, होम और जप करें।
- मंगल एवं बुधवार को कर्ज का लेन-देन न करें।
- लाल, सफेद वस्त्रों का अधिकतम प्रयोग करें।
- श्रीगणेश को प्रतिदिन दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं।
- श्रीगणेश के अथर्वशीर्ष का पाठ प्रति बुधवार करें।
- शिवलिंग पर प्रतिदिन कच्चा दूध चढ़ाएं।
Monday, 6 August 2012
उपाय / Upay : दांपत्य जीवन में आयी खटास के निवारण के लिए / FOR ELIMINATING BITTERNESS IN MARITAL RELATIONS .............
उपाय / Upay : दांपत्य जीवन में आयी खटास के निवारण के लिए / FOR ELIMINATING BITTERNESS IN MARITAL RELATIONS .............
यदि पति-पत्नी के बीच थोड़ा भी मन-मुटाव हो तो उसे मिटाने का तुरंत प्रयत्न करना चाहिए। यदि ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाववश दाम्पत्य जीवन में आई खटास बाहरी कोशिशों के बाद भी दूर नहीं हो पाती तो उसके लिए यह उपाय करना काफी लाभप्रद रहता है। पति-पत्नी को इसके लिए शीघ्र पहल करनी चाहिए। शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार को पत्नी अशोक वृक्ष की जड़ के पास घी का दीपक और चंदन का धूप जलाने के बाद श्रद्धापूर्वक प्रसाद चढ़ा कर प्रणाम करें। फिर पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और उस समय कामना करें कि मेरे दाम्पत्प जीवन में जिस किसी भी वजह से दरार पड़ी है वह समाप्त हो जाए। फिर वृक्ष से सात पत्ते तोड़ कर घर लाएं और श्रद्धा से उनकी पूजा करें व घर के पूजा स्थल पर रख दें। अगले सोमवार को फिर से अशोक वृक्ष की पूजा की वही प्रक्रिया दोहराएं तथा पहले के सूखे पत्तों को बहते जल में प्रवाहित कर दिया करें। जब तक आपसी मन-मुटाव समाप्त न हो तब तक पूजा की प्रक्रिया जारी रखें।
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