Saturday, 22 November 2014

घर में सुख-समृद्धि लाता है एक्वेेरियम

घर में सुख-समृद्धि लाता है एक्वेेरियम ----------------------------------------------------------
एंक्वे-रियम मछलियों को एक आशियाना। सभी को एक्वे-रियम बहुत पसंद है लोग अपने घरो में एक से बढकर एक एक्वेमरियम रखते है। लोग अपने ड्राईंगरूम या बेडरूम कहीं पर भी इन अठखेलियां करती हुयी मछलियों को रखना पसंद करते है। मछलियों का यह छोटा सा आशियाना आपके आशियाने में चार चांद लगा देता है। वैसे तो एक्वे रियम को बहुत से लोग केवल सजावट का साधन मात्र मानते है लेकिन आपको यह जानकर खुशी होगी कि यह केवल सजावट के लिए नहीं ब्लतकी आपके जीवन में सुख-समृद्धि लाने में भी सहयोग करता है।
आजकल बाजारों में कई तरह के एक्वेलरिम मौजूद है छोटे से बॉउल से लेकर बड़े से बड़े आयताकार एक्वेतरियम। इन एक्वे‍रियमों की किमत भी सैकड़ो से लेकर लाखों तक जाती है। एक बात और यह कोई आवश्यवक नहीं की आप बड़ा एक्वेवरियम ही अपने घर में लगायें आप छोटे से बॉउल में भी कुछ मछलियों को रखकर एक्वेपरियम तैयार कर सकते है। सामान्यलत एक्वेउरियम में मछलियों का घुमना आंखो को सकून देता है।

मछलियो के बारे में प्राचीन काल से ही विदीत है क‍ि यह लक्ष्मी लाती है और इन्हेे पालने वालों को धन की प्राप्तील होती है। इसी आधार पर प्राचीन काल से ही राजा महाराजा अपने किले आदी में एक छोटा सा तालाब बनवाते थे और उसमे मछलियां पालते थे। इतना ही नहीं रोजाना उन मछलियों को अपने हाथों से दाना खिलाना भी उनके आदत में शुमार होता था।
मछलियों को दाना खिलाना भी मानसिक सकून का एक सटीक जरीया है। लेकिन आज के समय में तालाब बनवाना और मछलियों को पालना उतना आसान नहीं है लेकिन आपके पास एक्वेेरियम जैसे विकल्पं है जो कि आपकी इस इच्छाे को आसानी से पुरा कर सकते है।
आईये आपको बताते है कि एक्वेभरियम किस तरह से आपके जीवन में धन, वैभव, सुख, समृद्धि आदी लाता है।

एक्वेारियम सुख- समृद्धि का वाहक के रूप में

1- प्राचीन काल से ही यह विदीत है कि मछलियां धन की वाहक होती है, इसके अलांवा फेंगशुई के अनुसार भी एक्वेनरियम धन और सम्प दा में वृद्वी करता है।
2- एक्वेेरियम पारिवार में एक प्रेमपूर्ण माहौल बनाए रखता है, परिवार में कलह आदी होने से बचाता है।
3- एक्वेेरियम में मछलियों का अठखेलियां करना घर में जल तत्वा का विचरण करना, और विकास के मार्ग प्रसस्तल करता है।
4- एक्वेररियम परिवार के उपर आने वाले किसी विपत्तीं से आपको बचाता है, ऐसी स्थिती में कभी कभी एक्वेकरियम में रखी कीसी मछली की अकस्माकत मौत हो जाती है।
5- एक्वेररियम कार्य करने के जगह पर रखने से आप में सदैव नयी उर्जा भरता रहता है।
6- मानसिक संतुष्टीि, और दिमाग में नये और अच्छेय विचार लाता है।
7- वास्तु शास्त्री के अनुसार एक्वेंरियम को घर के उत्तलर-पूर्व दिशा में रखना समृद्धिदायक होता है।

कैसे रखे एक्वेसरियम, और करे देखभाल

एक्वेररियम रखना केवल अपना शौक पुरा करना मात्र नहीं है। एक्वेयरियम को रखने के लिए सही जगह का चुनाव उसकी देखभाल करना भी बहुत आवश्यकक है। एक्वे रियम को सदैव घर के उत्तकर-पूर्व के कोने में रखने का प्रयास करे। एक्वेेरियमम को कभी भी कमरे के मध्य या कमरे के बीच के टेबल आदी पर मत रखें। एक्वे रियम के जगह पर किनारे से प्रकाश की उचित व्यबवस्था होनी चाहिए।
एक्वेचरियत सदैव साफ सुथरा रहना चाहिए। समय समय पर एक्वेररियम का पानी बदलते रहना चाहिए यदि आपको बड़ा एक्वेारियम रखने में परेशानी हो तो आपको छोटा सा बॉउल आदी में ही मछलियों को रखना चाहिए। एक्वेमरियम में सुनरही मछली और कम से कम एक काली मछली अवश्यो रखनी चाहिए। एक्वेमरियम में प्रयोग किये जाने वाले एयर फिल्ट र, हिटर, वाटर फ्यूरीफायर आदी लगा होना चाहिए।
एक्वेीरियम के मछलियों को एक साथ ज्यािदा खाना नहीं खिलाना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि मछलियों को घर में किसी बजुर्ग के हाथों से ही दाना खिलाया जायें। एक्वेचरियम को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। रात में कमरे की बत्तीय बन्दे करने के बाद भी एक्वे्रियम की लाईट जलती रहनी चाहिए। इससे घर में किसी तरह बुरी रूहे या गलत ताकते प्रवेश नहीं कर सकती है।
एक्वेशरियम बाजार में आसानी से हर साईज में उपलब्धक होते है। आपको अपने सुविधानुसार एक्वेशरियम को अपने घर में रखना चाहिए। इसके अलांवा समय समय पर बाजारों में मिलने वाले दवाओ आदी का भी एक्वे रियम के पानी में प्रयोग करते रहना चाहिए।

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पंडित राजन जेटली

Tuesday, 11 November 2014

मोर का एक पंख

मोर का एक पंख
यदि मोर का एक पंख किसी मंदिर में श्री राधा-कृष्ण कि मूर्ती के मुकुट में ४० दिन के लिए स्थापित कर प्रतिदिन मक्खन-मिश्री का भोग सांयकाल को लगाए, ४१वें दिन उसी मोर के पंख को मंदिर से दक्षिणा-भोग दे कर घर लाकर अपने खजाने या लाकर्स में स्थापित करें. तो आप स्वयं ही अनुभव करेंगे कि धन,सुख-शान्ति कि वृद्धि हो रही है. सभी रुके कार्य भी इस प्रयोग के कारण बनते जा रहे है.

जय शिव 

Monday, 3 November 2014

तुलसी विवाह

आज तुलसी विवाह के शुभ अवसर में अपने घर के तुलसी चबूतरे के पास घी और सिंदूर मिलाकर तुलसी महरानी के आठ नाम लिखकर रखे।
और जब भी तुलसी जी में जल चढ़ावे या दीपक जलावे तो यह आठ नाम का उच्चारण करे।

इससे तुलसी महरानी प्रसन्न होगी और उनकी कृपा आपके समस्त परिवार जन के साथ बनी रहेगी।

"ॐ वृंदा, वृन्दावनी, विश्वपावनी,
विश्वपूजिता, नंदिनी, पुष्पसारा, तुलसी, कृष्णजीवनी।"

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वृन्दावती रानी नमो नमो

Monday, 13 October 2014

मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें

मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें

- दीपावली के दिन प्रातः काल मां लक्ष्मी के मंदिर जाकर लक्ष्मी जी को पोशाक चढ़ाएं, खुशबुदार गुलाब की अगरबत्ती जलाएं, धन प्राप्ति का मार्ग खुलेगा।
- दीपावली के दिन प्रातः गन्ना लाकर रात्रि में लक्ष्मी पूजन के साथ गन्ने की भी पूजा करने से आपकी धन संपत्ति में वृद्धि होगी।
- दीपावली की रात पूजन के पश्चात् नौ गोमती चक्र तिजोरी में स्थापित करने से वर्षभर समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। -
- अगर घर में धन नहीं रूकता तो नरक चतुर्दशी के दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ लाल चंदन, गुलाब के फूल व रोली लाल कपड़े में बांधकर पूजें और फिर उसे अपनी तिजोरी में रखें, धन घर में रूकेगा और बरकत होगी।
- दीपावली से आरंभ करते हुए प्रत्येक अमावस्या की शाम किसी अपंग भिखारी या विकलांग व्यक्ति को भोजन कराएं तो सुख, समृद्धि में वृद्धि होती है।
- काफी प्रयास के बाद भी नौकरी न मिलने पर दीपावली की शाम लक्ष्मी पूजन के समय थोड़ी सी चने की दाल लक्ष्मीजी पर छिड़क कर पूजा समाप्ति के पश्चात इकट्ठी करके पीपल के पेड़ पर समर्पित कर दें।
- दुकानदार, व्यवसायी दीपावली की रात्रि को साबुत फिटकरी का टुकड़ा लेकर उसे दुकान में चारों तरफ घुमाएं और किसी चैराहे पर आकर उसे उत्तर दिशा की तरफ फेंक दें। ऐसा करने से ज्यादा ग्राहक आएंगे और धन लाभ में वृद्धि होगी।
- दीपावली की रात पांच साबुत सुपारी, काली हल्दी, पांच कौड़ी लेकर गंगाजल से धोकर लाल कपड़े में बांधकर दीपावली पूजन के समय चांदी की कटोरी या थाली में रखकर पूजा करें, अगले दिन सवेरे अपनी तिजोरी में रखें। मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी।
- दीपावली को प्रातः काल महालक्ष्मी के चित्र के समक्ष घी का दीपक, 2 लौंग डालकर जलाएं। नैवेद्य में खीर या हलवा रखें। तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें और ‘‘ऊँ नमो महालक्ष्म्यै नमः’’ मंत्र का जाप करें। लक्ष्मी प्रसन्न रहेगी और घर में वास रहेगा।
पाठकगण दीपावली की रात्रि में उपाय करके देखें, मां लक्ष्मी की कृपा अवश्य होगी।

Wednesday, 13 August 2014

जीवन में सफलता के लिए सरल उपाय



जीवन में सुख और सफलता पाना हर मनुष्य का सपना होता है। एस्ट्रो में ऐसे कितने ही सरल उपाय है जिन्हें नियमित रूप से करके आप आसानी से सुख की प्राप्ति कर सकते है। आइए ऐसे ही कुछ उपायों की चर्चा करे :-

- घर का हर व्यक्ति सूर्योदय के पहले उठे और उगते सूर्य के दर्शन करे। इसी समय जोर से गायत्री मंत्र का उच्चारण करे तो घर के वास्तु दोष भी नष्ट हो जाते है।
 

- सूर्य दर्शन के बाद सूर्य को जल, पुष्प और रोली-अक्षत का अर्घ्य दे, सूर्य के साथ त्राटक करे।
 

- बिस्तर से उठते समय दोनों पैर जमीन पर एक साथ रखे, उसी समय इष्ट का स्मरण करे और हाथों को मुख पर फेरे।

- स्नान और पूजन सुबह 7 से 8 बजे के बीच अवश्य कर ले।
 

- घर में तुलसी और आक का पौधा लगाए और उनकी नियमित सेवा करे।
 

- पक्षियों को दाना डाले।

- शनिवार और अमावस्या को सारे घर की सफाई करें, कबाड़ बाहर निकले और जूते-चप्पलों का दान कर दे।
 

- स्नान करने के बाद स्नानघर को कभी गंदा न छोड़े।
 

- जितना हो सके भांजी और भतीजी को कोई न कोई उपहार देते रहे। किसी बुधवार को बुआ को भी चाट या चटपटी वस्तु खिलाएँ।

- घर में भोजन बनते समय गाय और कुत्ते का हिस्सा अवश्य निकाले।
 

- बुधवार को किसी को भी उधार न दे, वापस नहीं आएगा।
 

- राहू काल में कोई कार्य शुरू न करें।

- श्री सूक्त का पाठ करने से धन आता रहेगा।
 

- वर्ष में एक या दो बार घर में किसी पाठ या मंत्रोक्त पूजन को ब्राह्मण द्वारा जरूर कराए।
 

- स्फटिक का श्रीयंत्र, पारद शिवलिंग, श्वेतार्क गणपति और दक्षिणावर्त शंख को घर या दुकान आदि में स्थापित कर पूजन करने से घर का भण्डार भरा-पूरा रहता है।

- घर के हर सदस्य को अपने-अपने इष्ट का जाप व पूजन अवश्य करना चाहिए।
 

- जहाँ तक हो सके अन्न, वस्त्र, तेल, कंबल, अध्ययन सामग्री आदि का दान करें। दान करने के बाद 
उसका उल्लेख न करें।
 

- अपने राशि या लग्न स्वामी ग्रह के रंग की कोई वस्तु अपने साथ हमेशा रखे।

Tuesday, 5 August 2014

विघ्रहर्ता गणेश पूजा

विघ्रहर्ता गणेश पूजा का यह उपाय जीवन में आने वाली अनचाही परेशानियों से बचाने वाला भी माना गया है। भगवान श्रीगणेश की उपासना के लिए बुधवार का बहुत महत्व है। इसलिए अगली तस्वीर के साथ जानिए, जल्द और लगातार सफलता के लिए भगवान गणेशजी के स्मरण का यह छोटा-सा तरीका -

सुबह स्नान के बाद देवालय या भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा या फिर तस्वीर के सामने यह मंत्र बोल कर धूप या अगरबत्ती लगाएं -
वनस्पतिरसोद्भूतो गन्धाढ्यो गन्ध उत्तम:।
आघ्रेय सर्वदेवानां धूपो यं प्रतिगृह्यताम।।

- धूप या अगरबत्ती से आरती कर व लड्डू का भोग लगा इस मंत्र से गणेशजी का ध्यान कर लें-

अभीप्सितार्थसिद्धयर्थं पूजितो य: सुरासुरै:।
सर्वविघ्रहरस्तस्मै गणाधिपतये नमो नम:।।

इसके बाद भगवान श्रीगणेश को प्रणाम कर दिन और काम बिन बाधा पूरा होने की कामना करें। यह उपाय आप कार्यस्थल पर भी पवित्रता का ध्यान रखते हुए अपना सकते हैं।

Friday, 1 August 2014

अपार प्रतिष्ठा और पैसामिलेगी महालक्ष्मी के इस मन्त्र से

अपार प्रतिष्ठा और पैसामिलेगी महालक्ष्मी के इस मन्त्र से

आप सुबह-शाम मात्र महालक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर पर गंध, फूल चढ़ाकर और अगरबत्ती लगाकर आस्था और पवित्र भाव से इस मन्त्र को जपा करें -

लक्ष्मी उपासना का मंत्र :

क्षीरदायै धनदायै बुद्धिदायै नमो नम:।
यशोदायै कीर्तिदायै धर्मदायै नमो नम:।।

पति को वश में करने के लिए

पति को वश में करने के लिए

यह प्रयोग शुक्ल में पक्ष करना चाहिए ! एक पान का पत्ता लें ! उस पर चंदन और केसर का पाऊडर मिला कर रखें ! फिर दुर्गा माता जी की फोटो के सामने बैठ कर दुर्गा स्तुति में से चँडी स्त्रोत का पाठ 43 दिन तक करें ! पाठ करने के बाद चंदन और केसर जो पान के पत्ते पर रखा था, का तिलक अपने माथे पर लगायें ! और फिर तिलक लगा कर पति के सामने जांय ! यदि पति वहां पर न हों तो उनकी फोटो के सामने जांय ! पान का पत्ता रोज़ नया लें जो कि साबुत हो कहीं से कटा फटा न हो ! रोज़ प्रयोग किए गए पान के पत्ते को अलग किसी स्थान पर रखें ! 43 दिन के बाद उन पान के पत्तों को जल प्रवाह कर दें ! शीघ्र समस्या का समाधान होगा !

शनिवार की रात्रि में ७ लौंग लेकर उस पर २१ बार जिस व्यक्ति को वश में करना हो उसका नाम लेकर फूंक मारें और अगले रविवार को इनको आग में जला दें। यह प्रयोग लगातार ७ बार करने से अभीष्ट व्यक्ति का वशीकरण होता है।

Saturday, 26 July 2014

उत्तर की ओर मुंह करके ललाट पर तिलक लगाना चाहिए

वस्त्र धारण करने के उपरान्तो उत्तर की ओर मुंह करके ललाट पर तिलक लगाना चाहिए। श्वेत चन्दन, रक्त चंदन, कुंकुम, मृत्रिका विल्वपत्र भस्म आदि कई पदार्थों से साधक तिलक लगाते हैं। विप्र यदि बिना तिलक के संध्या तर्पण करता है तो वह सर्वथा निष्फल जाता है। एक ही साधक को उर्ध्वस पुण्डर तथा भस्म से त्रिपुंड नहीं लगाना चाहिए। चन्दन से दोनों प्रकार के तिलक किए जा सकते हैं।
ललाट के मध्यभाग में दोनों भौहों से कुछ ऊपर ललाट बिंदु कहलाता है। सदैव इसी स्थान पर तिलक लगाना चाहिए।

अनामिका उंगली से तिलक करने से शान्ति मिलाती है, मध्यमा से आयु बढ़ाती है, अंगूठे से तिलक करना पुष्टिदायक कहा गया है, तथा तर्जनी से तिलक करने पर मोक्ष मिलता है।

विष्णु संहिता के अनुसार देव कार्य में अनामिका, पितृ कार्य में मध्यमा, ऋषि कार्य में कनिष्ठिका तथा तांत्रिक कार्यों में प्रथमा अंगुली का प्रयोग होता है।
सिर, ललाट, कंठ, हृदय, दोनों बाहुं, बाहुमूल, नाभि, पीठ, दोनों बगल में, इस प्रकार बारह स्थानों पर तिलक करने का विधान है!

विष्णु आदि देवताओं की पूजा में पीत चंदन, गणपति-पूजन में हरिद्रा चन्दन, पितृ कार्यों में रक्त चन्दन, शिव पूजा में भस्म, ऋषि पूजा में श्वेत चन्दन, मानव पूजा में केशर व चन्दन, लक्ष्मी पूजा में केसर एवं तांत्रिक कार्यों में सिंदूर का प्रयोग तिलक के लिए करना चाहिए।

26 जुलाई 2014 ( शनि अमावस्या )

26 जुलाई 2014 ( शनि अमावस्या )

कर लो शनि देव को प्रसन्न

शनि को प्रसन्न कीजिये

शनि के प्रकोप से बचने के लिए शनिश्चरी अमावस्या के दिन शनिदेव को प्रसन्न करने निम्न कर्म करें-

- लोहे की दो गोलियां लेकर आएं, एक गोली नदी में प्रवाहित करें और एक अन्य सदैव अपने साथ रखें।

- काले घोड़े की नाल से बना छल्ला या अंगूठी सीधे हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण करें। यह प्रयोग बहुत कारगर सिद्ध होता है।

- किसी बर्तन में तेल भरकर अपना चेहरा उसमें देखें और फिर उस तेल को दान कर दें।- राहु-केतु की लोहे या शीशे की मूर्तियों की विधि-विधान से पूजा करें।

- पूजा में काले चावल, काले कपड़े, काले फूल व काले चंदन का प्रयोग करें।- यह पूजा पीपल के पेड़ के नीचे करेंगे तो जल्दी ही शुभ फल प्राप्त होगा।

- पूजा के बाद पीपल की सात परिक्रमा करें।

- परिक्रमा करने के बाद कच्चा धागा पीपल पर लपेटे।

- अब शनि देव से प्रार्थना करें कि हमारे कष्टों और दुखों से हमें मुक्ति दिलाएं।

- लोहे के कटोरे में तेल भरकर, काले तिल या काली चीजों का दान करें।

- काला कपड़ा, काली गाय, काली बकरी या काले लोहे के बर्तन दान करें।

- प्रतिदिन पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं और सात परिक्रमा अवश्य करें।

- यदि शनि की वजह अत्यधिक कष्ट हैं तो 43 दिनों तक लगातार कौओं को दही रोटी खिलाएं। ऐसा करने से शनि बहुत जल्द ही आपके पक्ष में फल देना शुरू कर देगा।

- कम से कम 9 शनिवार गरीबों को भोजन कराएं, भोजन में शनिदेव के प्रिय भोज्य सामग्री रखें।

- प्रति शनिवार शनि के निमित्त व्रत-उपवास करें।

- शुभ मुहूर्त देखकर सात मुखी रुद्राक्ष धारण करें।

- आज आपके खाने तिल से बनी सामग्री अवश्य खाएं।

- शनि संबंधी दान या उपहार बिल्कुल ग्रहण ना करें।

- प्रतिदिन या हर शनिवार इष्टदेवता को काले या नीले रंग के फूल अवश्य चढ़ाएं।

- पुरुष परस्त्री और स्त्री परपुरुष का साथ तुरंत छोड़ दें अन्यथा शनि और क्रूर हो जाएगा और आपको उसके बहुत बुरे फल प्राप्त होंगे।

- कम से कम सात शनिवार एक-एक नारियल नदी में प्रवाहित करें।

- घर में पुरानी लकड़ी और कोयला हो तो उसे तुंरत बाहर कर दें।

- शनिवार को जमीन में काजल की डिबिया गाढ़ दें।

- किसी सूखे कुएं में प्रति शनिवार दूध डालें।

शनि देव प्रसन्न होंगे। इन उपायों के अतिरिक्त प्रतिदिन हनुमान चालिसा का पाठ करें।

पंडित राजन जेतली

Saturday, 5 July 2014

घर में सुख-शांति हेतू कुछ आसान से उपाय जो बेहद फायदेमंद हैं:-

घर में सुख-शांति हेतू कुछ आसान से उपाय जो बेहद फायदेमंद हैं:-

1.) घर में सुबह सुबह कुछ देर के लिए भजन अवशय लगाएं।
2.) घर में कभी भी झाड़ू को खड़ा करके नहीं रखें, उसे पैर नहीं लगाएं, न ही उसके ऊपर से गुजरे अन्यथा घर में बरकत की कमी हो जाती है।
3.) बिसतर पर बैठ कर कभी खाना न खाएं,ऐसा करने से बुरे सपने आते हैं ।
4.) घर में जूते-चप्पल इधर-उधर बिखेर कर या उल्टे सीधे करके नहीं रखने चाहिए इससे घर में अशांति उत्पन्न होती है।
5.) पूजा सुबह 6 से 8बजे के बीच भूमि पर आसन बिछा कर पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठ कर करनी चाहिए ।
6.) पहली रोटी गाय के लिए निकालें ।
7.) पूजा घर में सदैव जल का एक कलश भरकर रखें।
8.) धूप, आरती, दीप, पूजा अग्नि जैसे पवित्रता के प्रतिक साधनों को मुंह से फूंक मारकर नहीं बुझाएं।
9.) मंदिर में धूप, अगरबत्ती व हवन कुंड की सामग्री दक्षिण पूर्व में रखें।
10.) घर के मुख्य द्वार पर दायीं तरफ स्वास्तिक बनाएं।
11.) घर में कभी भी जाले न लगने दें,वरना घर में राहु का असर रहेगा
12) शाम के समय सोना नहीं चाहिए। रात्रि में सोने से पहले अपने इष्टदेव का सिमरण अवश्य करें।
13.) घर के मध्य भाग में जूठे बर्तन साफ करने का स्थान नहीं बनाना चाहिए।

श्रावण मास आ रहा है तो आज बात शिव जी के प्रिय बिलवापत्र की :

श्रावण मास आ रहा है तो आज बात शिव जी के प्रिय बिलवापत्र की :

शिव पुराण के अनुसार शिवलिंग पर कई प्रकार
की सामग्री फूल-पत्तियां चढ़ाई जाती हैं। इन्हीं में से सबसे महत्वपूर्ण है बिल्वपत्र।
बिल्वपत्र से जुड़ी खास बातें जानने के बाद आप भी मानेंगे कि बिल्व का पेड बहुत चमत्कारी है।

पुराणों के अनुसार रविवार के दिन और द्वादशी तिथि पर बिल्ववृक्ष का विशेष पूजन करना चाहिए। इस पूजन से व्यक्ति से ब्रह्महत्या जैसे महापाप से भी मुक्त हो जाता है।
क्या आप जानते हैं कि बिल्वपत्र छ: मास तक बासी नहीं माना जाता। इसका मतलब यह है कि लंबे समय शिवलिंग पर एक बिल्वपत्र धोकर पुन: चढ़ाया जा सकता है।
शिवलिंग पर प्रतिदिन बिल्वपत्र चढ़ाने से सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। भक्त को जीवन में कभी भी पैसों की कोई समस्या नहीं रहती है।
शास्त्रों में बताया गया है जिन स्थानों पर बिल्ववृक्ष हैं वह स्थान काशी तीर्थ के समान पूजनीय और पवित्र है। ऐसी जगह जाने पर अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

आयुर्वेद के अनुसार बिल्ववृक्ष के सात पत्ते प्रतिदिन खाकर थोड़ा पानी पीने से स्वप्न दोष की बीमारी से छुटकारा मिलता है। इसी प्रकार यह एक औषधि के रूप में काम आता है।
बिल्वपत्र उत्तम वायुनाशक, कफ-निस्सारक व जठराग्निवर्धक है। ये कृमि व दुर्गन्ध का नाश करते हैं। इनमें निहित उड़नशील तैल व इगेलिन, इगेलेनिन नामक क्षार-तत्त्व आदि औषधीय गुणों से भरपूर हैं। चतुर्मास में उत्पन्न होने वाले रोगों का प्रतिकार करने की क्षमता बिल्वपत्र में है।

ध्यान रखें इन कुछ तिथियों पर बिल्वपत्र नहीं तोडऩा चाहिए। ये तिथियां हैं
चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, द्वादशी, चतुर्दशी, अमावस्या, पूर्णिमा, संक्रान्ति और सोमवार तथा प्रतिदिन दोपहर के बाद बिल्वपत्र नहीं तोडऩा चाहिए। ऐसा करने पर पत्तियां तोडऩे वाला व्यक्ति पाप का भागी बनता है।

शास्त्रों के अनुसार बिल्व का वृक्ष उत्तर-पश्चिम में हो तो यश बढ़ता है, उत्तर-पूर्व में हो तो सुख शांति बढ़ती है और बीच में हो तो मधुर जीवन बनता है। घर में बिल्ववृक्ष लगाने से परिवार के सभी सदस्य कई प्रकार के पापों के प्रभाव से मुक्त हो जाते हैं। इस वृक्ष के प्रभाव से सभी सदस्य यशस्वी होते हैं, समाज में मान-सम्मान मिलता है। ऐसा शास्त्रों में वर्णित ह

श्रावण मास- 2014

श्रावण मास- 2014

13 जुलाई से 10 अगस्त 2014 तक

श्रावण माह के अंतर्गत प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर शिवामुट्ठी चढ़ाई जाती है। जिसमें :-

* प्रथम सोमवार को कच्चे चावल एक मुट्ठी चढ़ाना शुभ होता है।
* दूसरे सोमवार को सफेद तिल्ली एक मुट्ठी चढ़ाया जाता है।
* तीसरे सोमवार को खड़े मूंग की एक मुट्ठी चढ़ाना चाहिए।
* चौथे सोमवार को जौ एक मुट्ठी चढ़ाने का महत्व है।
* ...और श्रावण मास में अगर पांचवां सोमवार भी आ जाता है, तो सतुआ चढ़ाने का महत्व हैं।

कुछ ही दिनों में हो जाएंगे मालामाल

कुछ ही दिनों में हो जाएंगे मालामाल 

 यदि आप पैसों की तंगी से परेशान हैं और ईमानदारी से मेहनत करने के बाद भी फल नहीं मिल रहा है तो किसी भी सोमवार को यह उपाय करें।

- उपाय के अनुसार सोमवार की रात जब चंद्रोदय हो जाए तो उसके बाद अपने पलंग के चारों कोनों में चांदी की कील ठोक दें। चांदी की कील छोटी-छोटी भी लगाई जा सकती है। यह एक चमत्कारी तांत्रिक उपाय है और इससे आपके घर के आसपास की नकारात्मक ऊर्जा भी नष्ट हो जाती है। पैसों की समस्याएं दूर होने लगती हैं


यदि कड़ी मेहनत के बाद भी आपकी पैसों की कमी दूर नहीं हो रही है या आप और अधिक पैसा कमाना चाहते हैं तो यहां कुछ तांत्रिक उपाय बताए जा रहे हैं। इन उपायों को करने पर पैसों की तंगी दूर हो जाती है।

- ऐसा माना जाता है कि तंत्र शास्त्र के उपाय बहुत जल्दी असर दिखाना शुरू कर देते हैं
मालामाल होने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति बुधवार को यह तांत्रिक उपाय करें। उपाय के अनुसार बुधवार के दिन सात साबूत कौडिय़ां लें। कौडिय़ां बाजार में पूजन सामग्री की दुकानों पर आसानी से मिल जाती है। इसके साथ ही एक मुट्ठी हरे खड़े मूंग लें। दोनों को एक हरे कपड़े में बांध लें और किसी मंदिर की सीढिय़ों पर चुपचाप रख आएं।
ध्यान रखें इस बात को किसी को बताए नहीं, अन्यथा उपाय निष्फल हो जाएगा।.

- किसी भी सप्ताह के रविवार को एक गिलास दूध का तांत्रिक उपाय करेंगे तो आप पैसों का सुख प्राप्त करने लगेंगे। यह तांत्रिक उपाय करने के लिए आपको रविवार की रात को सोते समय 1 गिलास में दूध भरकर अपने सिर के पास रखकर सोना है। इसके लिए ध्यान रखें कि नींद में दूध ढुलना नहीं चाहिए।
सुबह उठने के बाद नित्य कर्मों से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद इस दूध को किसी बबूल (कीकर) के पेड़ की जड़ में डाल दें। ऐसा हर रविवार की रात की करें।
यह एक तांत्रिक उपाय है और इससे आपके ऊपर लगी बुरी नजर दूर होगी। नकारात्मक शक्तियों का असर खत्म होगा और कार्यों में सफलता मिलने लगेगी। पैसों की कमी दूर हो जाएगी।

- मालामाल होने के लिए कच्चे दूध का 1 अन्य उपाय करें। हर सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठें। उठने के बाद नित्य कर्मों से निवृत्त होकर पवित्र हो जाएं। इसके बाद आपके घर के आसपास किसी भी शिव मंदिर जाएं और वहां शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं।
यदि ऐसा हर सोमवार को किया जाए तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाएंगी। यह बहुत ही सरल और चमत्कारी उपाय है।

- धन संबंधी परेशानियां दूर करने के लिए सप्ताह के हर गुरुवार को यह तांत्रिक उपाय करें। उपाय के अनुसार हर गुरुवार को आप पीले वस्त्र पहनें। खाने में पीले रंग की मिठाई खाएं। इसके साथ ही पीले रंग की वस्तु का दान करें। पीले रंग की वस्तु जैसे पीले रंग का कपड़ा, पीला फल आम, हल्दी आदि।
इस उपाय से भी धन की कमी दूर होती है।

- एक अन्य चमत्कारी टोटके के अनुसार यदि संभव हो तो हमेशा चांदी के बर्तन में पानी पीएं। चांदी बर्तन ना हो तो गिलास में पानी भरें और उसमें चांदी की अंगुठी डालकर पानी पीएं। यह प्राचीन, सरल और बहुत चमत्कारी तांत्रिक उपाय है। इससे निश्चित की धन संबंधी मामलों में राहत मिलती है।

- यदि कोई व्यक्ति कर्ज के कारण परेशान है और कर्ज का भुगतान नहीं कर पा रहा है तो उसे यह तांत्रिक उपाय करना चाहिए। ऋण की किश्तों का भुगतान मंगलवार के दिन ही करें। इसके अलावा इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बुधवार और गुरुवार को किसी को ऋण के रुपए नहीं देना चाहिए। मंगलवार का दिन ऋण की किश्ते चुकाने के लिए श्रेष्ठ है। इस बात का ध्यान रखेंगे तो कर्ज जल्दी खत्म हो जाएगा।

यहां बताए गए सभी उपाय तंत्र शास्त्र के अनुसार दिए गए हैं। ऐसे उपाय चुपचाप बिना किसी को बताए किए जाए तो अधिक प्रभावी सिद्ध होते हैं। अत: इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ही इन उपायों के संबंध में किसी भी प्रकार की शंका या संदेह न करें। यह पूरी तरह आस्था और विश्वास के उपाय हैं

जानें ये आसान उपाय -

जानें ये आसान उपाय -

- पारिवारिक अशांति व तनाव दूर करने के लिए गाय के दूध से शिव अभिषेक बहुत ही मंगलकारी है।

- काम, आजीविका, नौकरी में तरक्की या अच्छे रोजगार की कामना है तो शिवलिंग का शहद की धारा से अभिषेक करें।

- लंबी या लाइलाज बीमारी से तंग हैं तो पंचमुखी शिवलिंग पर तीर्थ का जल अर्पित करने से रोगमुक्त होंगे।

- सोमवार को शिवलिंग में आंकड़े का फूल या धतूरा चढ़ाने से पारिवारिक, कार्यक्षेत्र या अदालती विवादों से छुटकारा या मनचाहे नतीजे मिलते हैं।

- मान्यताओं में शिव को भांग प्रेमी भी माना जाता है। दूध में भांग मिलाकर मानसिक परेशानियों से मुक्ति पाएं।

- सोमवार कालसर्प दोष शांति के लिए बहुत शुभ है। इसलिए इसके लिए जिम्मेदार राहु ग्रह के 18000 मंत्र जप किसी विद्वान ब्राह्मण से जानकर अवश्य करें।

- इन सब उपायों में से कोई भी न कर सके तो कम से कम सोमवार शिव को पावन जल और बिल्वपत्र ही अर्पित कर दें। इससे जीवन में हो रही हर उथल-पुथल थम जाएगी।

बच्चे की study table

बच्चे की study table पर चांदी की कटोरी में जल भरकर रख दे , या अगर चांदी की कटोरी नहीं है तो किसी स्वच्छ बर्तन में पानी भरकर उसमें चांदी का एक टुकड़ा या चांदी का एक सिक्का दाल दे , बच्चे की एकाग्रता बढ़ेगी , उसे बैचैनी से शान्ति मिलेगी ।

इन पांच देवी-देवताओं की पूजा रोज क्यों करनी चाहिए...

इन पांच देवी-देवताओं की पूजा रोज क्यों करनी चाहिए... 
 हमारी सभी मनोकामनाओं को पूरा करने
की शक्ति केवल भगवान के पास ही है।
कई बार कड़ी मेहनत के बाद
भी किसी-किसी को उचित
प्रतिफल प्राप्त नहीं हो पाता है। ऐसे में धन
संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और घर-परिवार
में तनाव बढ़ता जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस प्रकार
की समस्याओं से निजात पाने के लिए कई प्रकार
की परंपराएं बनाई गई हैं। इन्हीं परंपराओं
में से एक है प्रतिदिन प्रात: काल पंच देवी-देवताओं
की पूजा करना।

वेद-पुराण के अनुसार पांच प्रमुख देवी-देवता बताए गए
हैं। किसी भी कार्य की सिद्धि और पूर्णता के लिए इन पांचों देवताओं का पूजन
किया जाना अनिवार्य है। इनकी पूजा के कार्य में आने वाली सभी बाधाएं स्वत: समाप्त
हो जाती हैं और सफलता प्राप्त होती है।

इन पंच देवी-देवताओं में शामिल हैं-
प्रथम पूज्य श्रीगणेश, भगवान श्री विष्णु, महादेव,
सूर्यदेव और देवी मां।

इन पांचों की नित्य
पूजा करने वाले व्यक्ति को जीवन में
कभी भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है।
ऐसे लोग हर परिस्थिति में समभाव ही रहते हैं। इन पर किसी भी दुख और दर्द का प्रभाव
नहीं हो पाता।
इन पांचों देवताओं को हमारे शरीर से
ही जोड़ा गया है। मानव का शरीर पंच
तत्वों से बना है। ये पंच तत्व हैं- जल, वायु, पृथ्वी, अग्नि, आकाश।
ये ही पांच तत्व इन पंच देवों के प्रतीक माने गए हैं।

व्यक्ति के शरीर निर्माण में सर्वप्रथम जल की आवश्यकता होती है,
यही जल तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं प्रथम पूज्य श्रीगणेश।
इसके बाद वायु तत्व के प्रतिनिधि हैं भगवान श्रीहरि।
वायु के बाद आवश्यकता होती है पृथ्वी तत्व की, इसकी पूर्ति करते हैं भगवान शिव।
अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करती हैं देवी मां।
अंत में आकाश तत्व की पूर्ति करते हैं सूर्य देव।

इस प्रकार व्यक्ति यदि इन पंच देवों की पूजा करता है तो व्यक्ति के सभी दुख और दर्द नष्ट हो जाते हैं।

अनिष्ट ग्रहों के निवारण हेतु कुछ उपाय-

अनिष्ट ग्रहों के निवारण हेतु कुछ उपाय-
 

सूर्य
सूर्य के लिए-
०१. ग्यारह या इक्कीस रविवार तक गणेश जी पर लाल फूलों चढ़ाएं |
०२. चांदी के बर्तन में जल पीयें, और चांदी के वर्क का सेवन करें |
०३. रविवार को नमक का सेवन करें |
०४. सूर्य की होरा{समय} में निर्जल {बिना पानी पीये} रहें |
०५. विष्णु भगवान का पूजन करें |
०६. "ॐ घ्रिणी सूर्याय नमः" इस मन्त्र का १०८ या ५१ या फिर २१ बार
सुबह शाम जाप करें |
०७. सूर्य को ताम्बे के लोटे से "जल, चावल, लाल फूल, लाल सिंदूर" मिला
कर अर्घ्य दें |

चन्द्र
चन्द्र के लिए-
०१. दक्षिणावर्ती शंख का नित्य पूजन करें |
०२. ग्यारह सोमवार को दोपहर में केवल दही-भात ही खाएं |
०३. सूर्यास्त के बाद दूध न पियें | न ही पिलायें |
०४. तीन सफ़ेद फूल हर सोमवार और पूर्णिमा को नदी या बहती
दरिया में विसर्जित करें |
०५. मोतियों की माला या चन्द्रकान्तमणि गले में धारण करें |
०६. पूर्णिमा की रात को चन्द्र दर्शन करें व चन्द्रमा को चावल एवं
दूध मिलाकर चांदी के बर्तन से अर्घ्य दें |
०७. सोमवती अमावस्या को ५ सुहागन स्त्रियों को खीर का भोजन कराएँ व दक्षिणा दें |

मंगल
मंगल के लिए-
०१. मंगलवार को रेवड़ियाँ पानी में प्रवाहित करें |
०२. आटे के पेड़े में गुड व चीनी मिलाकर गाय को खिलाएं |
०३. ताम्बे के बर्तन से जल पियें |
०४. लाल पुष्पों को जल में प्रवाहित करें, मंगलवार को हनुमान जी के
मंदिर जा के हनुमान जी के चरणों से सिंदूर अपने मस्तक से
लगायें |
०५. नित्य सुबह शाम हनुमान चालीसा व बजरंग बाण का पाठ करें |
०६. दूध का उबाल चूल्हे पर न गिरने दें |

बुध
बुध के लिए-
०१. एक हरी इलाईची प्रतेक बुधवार को जल में प्रवाहित करें |
०२. बुधवार को इलाईची व तुलसी के पत्ते सेवन करें |
०३. हरे सीता फल के अन्दर ताम्बे के पैसे डालकर नदी में प्रवाहित
करें |
०५. संकटनाशन गणपति स्तोत्र का पाठ नित्य करें |
०६. बुधवार के दिन ५ बालक व बालिकाओं को भोजन कराएँ |
०७. बुधवार को गाय को हरी घास खिलाएं |
०८. दुर्गासप्तशती का पाठ करवाएं | यदि संभव हो तो स्वयं करें |

गुरु
गुरु के लिए-
०१. नौ या बारह चमेली के फूल नदी में गुरुवार को प्रवाहित करें |
०२. पीले कनेर के फूल विष्णु भगवान को पर्तेक गुरुवार को अर्पण
करें |
०३. दत्तात्रेय वज्र कवच का पाठ प्रतिदिन करें व भगवान विष्णु का
पूजन करें |
०५. गुरुवार को नमक का सेवन न करें, चने से बनी हुई वस्तुओं का
सेवन करें |
०६. केला कभी न खाएं एवं गुरुवार को पीपल के पेड़ व केले के पेड़
को हल्दी मिलाकर जल चढ़ाएं |
०७. विष्णुसहस्रनाम के १०८ पाठ करें या किसी योग्य ब्राह्मण से
करवाएं |

शुक्र
शुक्र के लिए-
०१. सफ़ेद गुलाब के फूल शुक्रवार को नदी या कुएं में डालें |
०२. प्रतेक शुक्रवार को तिल जौ व देशी घी मिलाकर हवं करें |
०३. चांदी के गहने पहनें व गले में हाथी का दांत पहने |
०४. लक्ष्मी या दुर्गा का पूजन करें |
०५. सफ़ेद गाय को शुक्र वार को रोटी खिलाएं |
०६. शुक्र वार को लाल ज्वार व दही किसी धार्मिक स्थान पर दान करें |
०७. सफ़ेद कांच के बर्तन में चांदी डालकर धूप में रखें व बाद में उसे पी लें |
०८.सफ़ेद रेशमी वस्त्र दान करें |
०९. चांदी घोड़े का रोज पूजन करें |

शनि
शनि के लिए-
०१.शनिवार को सफेदे का पत्ता अपनी जेब में रखें |
०२. नारियल के तेल में कपूर मिला के सिर पे लगायें |
०३. काले उड़द जल में प्रवाहित करें |
०४. ताम्बे या लोहे के पात्र से ही जल पियें |
०५. शनिवार को तेल से चुपड़ी रोटी काले कुत्ते को खिलाएं |
०६. काले घोड़े की नाल या नाव की कील की अंगूठी बनवाकर मध्यमा ऊँगली
में शनिवार को पहनें |
०७. शनिवार को लोहे के बर्तन में सरसों का तेल व ताम्बे का सिक्का डालकर अपना चेहरा देख कर
शनि मंदिर में चढ़ें या मांगने वाले को दें |
०८. शनिवार को सरसों का तेल, मांस, अंडा, शराब का शेवन न करें |
०९. शनिवार को तेल या शराब बहते पानी में प्रवाहित करें |
१०. चिड़ियों को बाजरा डालें व पीपल पर जल चढ़ाएं |

राहू
राहू के लिए-
०१. शिव जी को बेलपत्र चढ़ाएं व प्रतिदिन शिव मंदिर जाएं |
०२. लोहे के पात्र में रखा जल ही पिएँ |
०३. नारियल में छेद करके उसके अन्दर ताम्बे का पैसा नदी में बहा दें |
०४. चांदी की अंगूठी बीच वाली ऊँगली में पहनें |
०५. सोमवार को मूली दान करें |
०६. ४१ दिन तक १ रूपया प्रतिदिन भंगी को दें |

केतु
केतु के लिए-
०१. किसी ज्योतिर्लिंग पे नाग चढ़ाएं |
०२. लोहे के पात्र में रखा जल ही पिएँ |
०३. गुरु पूर्णिमा, गुरु द्वादशी, गुरु पंचमी, गुरु प्रतिपदा, नाग पंचमी, को
रुद्राभिषेक करवाएं |
०४. कुतों को रोटी खिलाएं व गरीब और अपाहिज को भोजन करवाएं |
०५. गुड के साथ चांवल बनाकर कोढियों को खिलाएं |
०६. कीड़ों के बिल में तिल डालें |
०७. बेल के अन्दर ताम्बे का पैसा डालकर नदी में बहाएँ |
०८.चांदी की अंगूठी बीच वाली ऊँगली में पहनें

कभी घर न लाएं ये 6 चीजें

कभी घर न लाएं ये 6 चीजें

भारतीय वास्तु विज्ञान चाइनीज़ फेंगशुई से काफी मिलता जुलता है। यह प्राकृतिक शक्तियों को मनुष्य के लिए उपयोगी बनाने की एक कलात्मक परंपरा है। हम अक्सर सुनते आए हैं कि घर में क्या रखना अच्छा होता है और क्या रखना बुरा। आइए, आज आपको बताते हैं कि घर में कौन-सी 6 चीजें कभी नहीं रखनी चाहिए-

1. महाभारत की तस्वीरें या प्रतीक: महाभारत को भारत के इतिहास का सबसे भीषण युद्ध माना जाता है। कहते हैं कि इस युद्ध के प्रतीकों, मसलन तस्वीर या रथ इत्यादि को घर में रखने से घर में क्लेश बढ़ता है। यही नहीं, महाभारत ग्रंथ भी घर से दूर ही रखने की सलाह दी जाती है।

2. ताजमहल: ताजमहल प्रेम का प्रतीक तो है, लेकिन साथ ही वह मुमताज की कब्रगाह भी है। इसलिए ताजमहल की तस्वीर या उसका प्रतीक घर में रखना नकारात्मकता फैलाता है। माना जाता है कि ऐसी चीजें घर पर रखी होने से हमारे जीवन पर बहुत गलत असर पड़ सकता है। यह सीधे-सीधे मौत से जुड़ा है इसलिए इसे घर पर न रखें।

3. नटराज की मूर्ति: नटराज नृत्य कला के देवता हैं। लगभग हर क्लासिकल डांसर के घर में आपको नटराज की मूर्ति रखी मिल जाती है। लेकिन नटराज की इस मूर्ति में भगवान शिव 'तांडव' नृत्य की मुद्रा में हैं जो कि विनाश का परिचायक है। इसलिए इसे घर में रखना भी अशुभ फलकारक होता है।

4. डूबती हुई नाव या जहाज: डूबती नाव अगर घर में रखी हो तो अपने साथ आपका सौभाग्य भी डुबा ले जाती है। घर में रखी डूबती नाव की तस्वीर या कोई शोपीस सीधा आपके घर के रिश्तों पर आघात करता है। रिश्तों में डूबते मूल्यों का प्रतीक है यह चिह्न। इसे अपने घरौंदे से दूर रखें।

5. फव्वारा: फव्वारे या फाउन्टन आपके घर की खूबसूरती तो बढ़ाते हैं लेकिन इसके बहते पानी के साथ आपका पैसा और समृद्धि भी बह जाती है। घर में फाउन्टन रखना शुभ नहीं होता।

6. जंगली जानवरों का कोई प्रतीक: किसी जंगली जानवर की तस्वीर या शो पीस घर पर रखना भी अच्छा नहीं माना जाता। इससे घर में रहने वालों का स्वभाव उग्र होने लगता है। घर में क्लेश और बेतरतीबी बढ़ती है

अगर कोई भी जातक किसी कारण से संतान सुख से वंचित है

अगर कोई भी जातक किसी कारण से संतान सुख से वंचित है और चाहे वोह किसी ग्रह दोष के कारण हो या किसी पूर्वजन्म के पापों के कारण या अपने कर्मो के कारण इसके लिये एक अचूक उपाय है वोह है हरिवंश पुराण यह कभी भी निष्फल नहीं होती बस सही विद्वान से कराई जय मैंने कई लोगो को देखा है जिनको कही कोई आशा न थी और उन लोगो को हरिवंश पुराण सुनने से बाद निश्चित ही पुत्र या पुत्री की प्राप्ति होती है ...एक बात का हमेशा स्मरण रहे की अनुष्ठान में पूर्ण नियम का पालन होना चाहिए अन्यथा विधि विपरीत भलाई नहीं