Thursday, 15 May 2014

नौकरी पाने का अचूक उपाय



नौकरी पाने का अचूक उपाय -

शनिवार की सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठें और स्नान आदि नित्य कर्मों से निवृत्त होकर पवित्र हो जाएं। इसके बाद घर में किसी पवित्र स्थान पर पूजन का प्रबंध करें या किसी मंदिर में जाएं। शनिवार शनि की पूजा का विशेष दिन माना जाता है। शनि हमारे कर्मों का फल देने वाले देवता हैं। अत: इसी दिन शनि देव का भी विधिवत पूजन करना है। पूजन करने के बाद यहां दिए गए मंत्र का जप 1008 बार करना है। जप के लिए रुद्राक्ष की माला उपयोग किया जा सकता है। मंत्र:
"ऊँ नम: भगवती पद्मावती ऋद्धि-सिद्धि दायिनी दुख-दारिद्रय हारिणी श्रीं श्रीं ऊँ नम: कामाक्षाय ह्रीं ह्रीं फट् स्वाहा।"
इस मंत्र का जप शांति पूर्वक करें। पूजन में थोड़ा समय लगता है अत: किसी शांत एवं पवित्र स्थान का चयन करें। शनिवार के दिन यहां दिए मंत्र का जप 1008 बार हो जाए इसके बाद जब आप नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाएं तो इस मंत्र का जप 11 बार करके जाएं। 1008 बार इस मंत्र के जप से यह मंत्र सिद्ध हो जाएगा और जब भी आप इसका जप 11 बार करेंगे तो यह और अधिक चमत्कारी फल प्रदान करेगा। इसी प्रकार जब भी प्रमोशन या इंक्रिमेंट का समय आए तब इस मंत्र का जप 11 बार अवश्य करें। लाभ होगा।

Saturday, 10 May 2014

शनि के बुरे समय बचने का ये है अचूक उपाय...



शनि के बुरे समय बचने का ये है अचूक उपाय...
 
धर्म-ज्योतिष को मानने वाले लोग शनिदेव और शनि के प्रभावों को अच्छे से जानते हैं। यदि किसी व्यक्ति से जाने-अनजाने कोई पाप या गलत कार्य हो गया है तो शनिदेव ऐसे लोगों को निश्चित समय पर इन कर्मों का फल प्रदान करते हैं। ज्योतिष के अनुसार शनि को न्यायाधिश का पद प्राप्त है। इसी वजह से इन्हें क्रूर देवता माना जाता है। हमारे द्वारा किए गए कर्मों का फल शनिदेव साढ़ेसाती और ढैय्या के समय में प्रदान करते हैं। यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक कष्ट भोगना पड़ रहे हैं तो इन अशुभ फलों के प्रभावों को कम करने के लिए कुछ ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं। कुछ लोगों की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में हो तो उसे जीवनभर कई प्रकार के कष्ट उठाने पड़ते हैं। ऐसे में प्रति शनिवार यह उपाय अपनाएं-
शनिवार को प्रात: ब्रह्म मुहूर्त में उठें और नित्यकर्मों से निवृत्त होकर स्नानादि करके पवित्र हो जाएं। इसके बाद जल, दूध, तिल्ली के तेल का दीपक लेकर किसी पीपल के वृक्ष के समीप जाएं। अब पीपल पर जल और दूध अर्पित करें। इसके बाद पीपल के वृक्ष के नीचे तिल्ली के तेल के दीपक को प्रज्जवलित करें। शनिदेव प्रार्थना करें कि आपकी सभी समस्याएं दूर हो और बुरे समय से पीछा छुट जाए। इसके बाद पीपल की सात परिक्रमा करें। घर लौट कर एक कटोरी में तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखकर इस तेल का दान करें। ऐसा करने पर कुछ ही समय में आपको सकारात्मक फल प्राप्त होने लगेंगे। इसके प्रभाव से आपके घर की पैसों से जुड़ी समस्त समस्याएं दूर होने लगेंगी और आर्थिक संकट से मुक्ति मिलेगी।

Friday, 9 May 2014

रोजमर्रा की 9 आदतों से सुधारें अपना घर :

रोजमर्रा की 9 आदतों से सुधारें अपना घर :
१) ::-->>
अगर आपको कहीं पर भी थूकने की आदत है तो यह निश्चित है कि आपको यश, सम्मान अगर मुश्किल से मिल भी जाता है तो कभी टिकेगा ही नहीं चाहे कुछ भी कर लें ! इससे बचने के लिए wash basin में ही यह काम कर आया करें !

२) ::-->>
जिन लोगों को अपनी जूठी थाली या बर्तन वहीं उसी जगह पर
छोड़ने की आदत होती है उनको सफलता कभी भी स्थायी रूप से
नहीं मिलती ! बहुत मेहनत करनी पड़ती है और ऐसे लोग अच्छा नाम नहीं कमा पाते ! इनके आस पास काम करने वाले लोग इनसे जितना हो सकता है बचते हैं इनसे बात करने में ।
अगर आप अपने जूठे बर्तनों को उठाकर उनकी सही जगह पर रख आते हैं या खुद ही साफ़ कर लेते हैं तो चन्द्रमा और शनि का आप सम्मान करते हैं !

३) ::-->>
जब भी हमारे घर पर कोई भी बाहर से आये, चाहे मेहमान
हो या कोई काम करने वाला, उसे स्वच्छ पानी जरुर पिलाएं !
ऐसा करने से हम राहू का सम्मान करते हैं ! जो लोग बाहर से
आने वाले लोगों को स्वच्छ पानी हमेशा पिलाते हैं उनके घर में
कभी भी राहू का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता !

४) ::-->>
घर के पौधे आपके अपने परिवार के सदस्यों जैसे ही होते हैं, उन्हें
भी प्यार और थोड़ी देखभाल की जरुरत होती है ! जिस घर में
सुबह-शाम पौधों को पानी दिया जाता है तो हम बुध, सूर्य और
चन्द्रमा का सम्मान करते हुए परेशानियों से डटकर लड़ पाते हैं ! जो लोग नियमित रूप से पौधों को पानी देते हैं, उन लोगों को depression, anxiety जैसी परेशानियाँ जल्दी से नहीं पकड़ पातीं !

५) ::-->>
अगर आप नहाने के बाद bathroom में अपने कपडे़ इधर-उधर फैंक आते हैं या फिर पूरे bathroom में पानी बिखेर कर आ
जाते हैं तो आपका चन्द्रमा किसी भी स्तिथि में आपको अच्छे
फल नहीं देगा और हमेशा बुरा परिणाम देगा ! आपके शारीर से
सारा ओज निकाल देगा, personality बिल्कुल भी attractive नहीं रहेगी और आप हमेशा dull-dull से दिखेंगे ! इसीलिए पानी को हमेशा निथारना चाहिए !

६) ::-->>
जो लोग बाहर से आकर अपने चप्पल, जूते, मोज़े इधर-उधर
फैंक देते हैं, उन्हें उनके शत्रु बड़ा परेशान करते हैं ! इससे बचने
के लिए अपने चप्पल-जूते करीने से लगाकर रखें, आपकी प्रतिष्ठा बनी रहेगी ।

७) ::-->>
जिन लोगों का राहू और शनि खराब होगा, जब ऐसे लोग
अपना बिस्तर छोड़ेंगे तो उनका बिस्तर हमेशा फैला हुआ होगा, सिलवटें ज्यादा होंगी !
चादर कहीं, तकिया कहीं, कम्बल एक तरफ !
उसपर ऐसे लोग अपने पुराने पहने हुए कपडे़ तक फैला कर
रखते हैं, ऐसे लोगों की पूरी दिनचर्या कभी भी व्यवस्थित
नहीं रहती, जिसकी वजह से वे खुद भी परेशान रहते हैं और दूसरों को भी परेशान करते हैं ! इससे बचने के लिए उठते ही अपना बिस्तर सही तरीके से लगायें और सब कुछ समेट दें

८) ::-->>
पैरों की सफाई पर हम लोगों को ख़ास ध्यान देना चाहिए ! हर
वक्त, जो हम में से बहुत सारे लोग भूल जाते हैं, नहाते समय
अपने पैरों को अच्छी तरह से धोयें!कभी भी बाहर से आयें तो पांच मिनट रुक कर मुँह और पैर धोयें ! आप खुद यह पाएंगे कि आपका चिड़चिड़ापन कम होता जाता है, दिमाग की शक्ति बढेगी और क्रोध
धीरे-धीरे कम होने लगेगा ।

९) ::-->>
ध्यान रखें, कभी भी खाली हाथ घर ना लौटें क्योंकि..
अधिकतर लोग शाॅप, ऑफिस या फैक्टरी से जब अपने घर
लौटते हैं तो अपनी व्यस्तता के कारण बिना कुछ लिए खाली हाथ
ही घर लौट आते हैं ! लेकिन आपने अक्सर हमारे घर के वृद्ध
लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि कभी भी शाम को खाली हाथ घर नहीं लौटना चाहिए क्योंकि हमारे शास्त्रों के अनुसार ऐसी मान्यता है कि घर लौटते समय घर के बुज़ुर्गों या बच्चों के लिए कुछ न कुछ लेकर जाना चाहिए !
घर में कोई भी नई वस्तु आने पर बच्चे और बुजु़र्ग ही सबसे
ज्यादा खुश होते हैं !

कहीं-कहीं इस परम्परा में घर लौटते वक्त बच्चों के लिए मिठाई लाने के बारें में बताया गया है !बुजु़र्गों के आशीर्वाद से घर में सुख समृद्धि बढ़ने लगती है और जिस घर में बच्चे और वृद्ध खुश रहते हैं, उस घर में लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है !
ऐसा माना जाता है कि रोज़ खाली हाथ घर लौटने पर धीरे-धीरे
उस घर से लक्ष्मी चली जाती है और उस घर के सदस्यों में नकारात्मक या निराशा के भाव आने लगते हैं ! इसके विपरित घर लौटते समय कुछ न कुछ वस्तु लेकर आएं तो उससे घर में बरकत बनी रहती है ! उस घर में लक्ष्मी का वास होता जाता है ! हर रोज घर में कुछ न कुछ लेकर आना वृद्धि का सूचक माना गया है !

ऐसे घर में सुख, समृद्धि और धन हमेशा बढ़ता जाता है और घर
में रहने वाले सदस्यों की भी तरक्की होती है ।
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Saturday, 26 April 2014

रामचरितमानस के कुछ मंत्र

रामचरितमानस के कुछ मंत्र
 
श्री गोस्वामी तुलसीदास जी के रामचरितमानस के कुछ मंत्र हम आप के सामने रख रहे है। ये मंत्र भिन्न-भिन्न कार्यो के लिए काम में लाये जाते है और ये प्रभावी है। इनमे से जो मंत्र जपना हो उसे सूर्योदय के पश्चात नित्य-कर्म से निवृत होकर ,आसन बिछा कर, पूर्वाभिमुख बैठ कर ,अपने सामने भगवान श्री रामचंद्र की मनमोहक तस्वीर रख कर, पंचोपचार पूजन करें व इच्छित मंत्र का नित्य एक माला ( 108 ) का नियम पुर्वक जप करे प्रभु श्री रामचंद्र की कृपा आप पर अवस्य होगी

* रक्षा मंत्र
मामभिरक्षय रघुकुल नायक ।
धृतवरचाप रुचिकर सायक ।।

* विपत्ति नाश के लिए
राजीवनयन धरे धनुसायक।
भगत विपति भंजन सुखदायक।।

* कठिन क्लेश नाश के लिए
हरन कठिन कलि कलुष कलेसू।
महामोह निसि दलन दिनेसू।।

* भिन्न-भिन्न रोगों तथा उपद्रव शांति के लिए
दैहिक, दैविक भौतिक तापा।
रामराज नहिं कहुहि व्यापा ।।

* भूत भगाने के लिए
प्रनवउ पवन कुमार, खल बन पावक ज्ञान घन।
जासु ह्रदय आगार, बसहि रामसर चाप धर।।

* विष नाश के लिए
नाम प्रभाउ जान सिवनीको ।
कालकूट फलदिन्ह अमीको।।

* अकाल मृत्यु निवारण के लिए
नाम पाहरू दिवस निसि, ध्यान तुम्हारा कपाट ।
लोचन निज पद जंत्रित, जाहिं प्राण केहिं बाट।।

* जीविका प्राप्ति के लिए
बिस्वभरण पोषण कर जोई।
ताकर नाम भरत अस होई।।

*लक्ष्मी प्राप्ति के लिए
जिमी सरिता सागर महुं जाही।
जदपि ताहि कामना नाहीं।।
तिमि सुखसंपत्ति बिनहि बोलाए।
धरमसील पाहि जाहि सुभाएँ।।

* पुत्र प्राप्ति के लिए
प्रेम मगन कौशल्या, निसि-दिन जात न जान।
सुख सनेह बस माता, बाल चरित कर ज्ञान।।

*मुकदमा जितने के लिए
पवन तनय बल पवन सामना।
बुद्धि विवेक विग्यान निधाना।।

* प्रेम प्राप्ति के लिए
भुवन चारी दस भरा उछाहू।
जनक सुता रघुवीर बीआहू।।

*शत्रु को मित्र बनाने के लिए
गरल सुधा रिपु करहिं मिताई।
गोपद सिंधु अनल सीतलाई ।।

*संपत्ति लाभ के लिए
जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं।
सुख सम्पति नाना विधि पावहिं।।

Friday, 25 April 2014

राशि के अनुसार खर्च कम करने के उपाय



राशि के अनुसार खर्च कम करने के उपाय

मेष: किसी भी शनिवार को शनि मंत्र ऊं शं शनैश्चराय नम:का संकल्प कर जाप प्रारम्भ करें।

वृषभ: प्रत्येक गुरुवार को विष्णु भगवान की आराधना करें। गुरुवार को केले के पत्ते पर भोजन करें।

मिथुन: मंगलवार को सात सात पीपल के पत्तों पर तीन-तीन लौंग लगा कर माला बनाएं और हनुमान जी को पहनाएं। नारायणाय नम:मंत्र का जाप प्रतिदिन करें।

कर्क: मंत्र ह्रीं श्रीं ह्रीं कमले कमलालये ह्रीं श्रीं ह्रींका जाप प्रतिदिन करें।

सिंह: शमी के सूखे पत्ते शिव जी और गणेश जी को अर्पित कर, कुछ पत्तें को प्रसाद स्वरूप अपने पास रख लें।

कन्या: प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्रमा को अघ्र्य दें। मंत्र श्रं श्रीं श्रौं स: चंद्रमसे नम:का जाप प्रतिदिन करें।

तुला: प्रतिदिन ताम्बे के लोटे से सूर्य को ह्रीं सूर्याय नम:मंत्र से जल दें। अपने पास गुलाब की कुछ पंखुड़ियां अवश्य रखें। शिवजी को केवड़ा युक्त जल अर्पित करें।

वृश्चिक: किसी भी रविवार को बेल के पेड़ के नीचे जल देकर एक ताम्बे का सिक्का दबा दें और प्रत्येक रविवार को उस पेड़ के नीचे भास्कराय ह्रींमंत्र का जाप करें।

धनु: गुरुवार को केले के पेड़ पर हल्दी युक्त जल अर्पित करें।

मकर: 5 सोमवार एक थाली में चावल से चन्द्रमा बना कर उसका धूप-दीप-आरती से पूजन करें। चावल गाय को खिला दें।

कुम्भ: सात गुरुवार को एक-एक हल्दी हाथ में रख मंत्र लक्ष्मी नारायणाय ह्रीं श्रीं ह्रींका जाप कर पानी में बहा दें।

मीन: शनिवार को पीपल के पेड़ को जल अर्पित करें। कपूर की आरती कर मंत्र श्रीं श्रीं शनैश्चराय श्रीं श्रींका जाप करें।

Tuesday, 22 April 2014

सुन्दरकाण्ड के विषय में कुछ जानकारी

सुन्दरकाण्ड के विषय में कुछ जानकारी,

सुन्दरकाण्ड का नित्यप्रति पाठ करना हर प्रकार से लाभ दायक होता है, इसकेअनंत लाभ है, इस पाठ को हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक लगा करकरने से अधिक फल प्राप्त होता है, सुन्दरकाण्ड एक ऐसा पाठ है जो की हरप्रकार की बाधा और परेशानियों को खतम कर देने में पूर्णतः समर्थ है. आजकलके व्यस्तता भरे दिनचर्या में बहुत अधिक समय तक पूजा कर पाना हमेशा संभवनहीं होता, ऐसे में इस पाठ को आप पूरा पढ़ सके तो बहुत अच्छा है पर नहीं पढ़सकते या समय का आभाव है तो ऐसा करे के इसमें कुल ६० दोहे है, हर दिन १०दोहों का आप पाठ कर ले, ये आप मंगलवार से शुरू कर सकते है जो की रविवार तकखतम हो जायेगा, ऐसे आप बार बार कर सकते है पर इस चीज़ का विशेष ख्याल रखनाबहुत जरुरी है के आप जब तक पाठ करे न तो मांस मदिरा का सेवन करे न ही अपनेघर में मांस मदिरा लाये जब तक पाठ हो आपको ब्रह्मचर्य और सदाचार अपनानाहोगा अन्यथा दोष के भागी बनेंगे..
आइये जाने ज्योतिष के अनुसार सुन्दरकाण्ड का पाठ किसके लिए विशेष फलदाई मन जाता है-

ज्योतिष के अनुसार भी सुन्दरकाण्ड एक अचूक उपाय है ज्योतिषो के द्वाराउपाय के तौर पर अक्सर बताया जाता है, उन लोगो के लिए ये विशेष फलदाई होताहै जिनकी जन्म कुंडली में – मंगल नीच का है, पाप ग्रहों से पीड़ित है, पापग्रहों से युक्त है या उनकी दृष्टि से दूषित हो रहा है, मंगल में अगर बलबहुत कम हो, अगर जातक के शरीर में रक्त विकार हो, अगर आत्मविश्वास की बहुतकमी हो, अगर मंगल बहुत ही क्रूर हो तो भी ये पाठ आपको निश्चित रहत देगा.अगर लगन में राहू स्थित हो, लगन पर राहू या केतु की दृष्टि हो, लगन शनि यामंगल के दुष्प्रभावो से पीड़ित हो, मंगल अगर वक्री हो या गोचर में मंगल केभ्रमण से अगर कोई कष्ट आ रहे हो, शनि की सादे साती या ढैय्या से आप परेशानहो, इत्यादि….. इन सभी योगो में सुन्दरकाण्ड का पाठ अचूक फल दायक मानाजाता है…

सुन्दरकाण्ड के पाठ से बहुत सारे लाभ होते है उनमे से कुछ हम यहाँ बता रहे है -

१) इसका पाठ करने से विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलता है, ये आत्मविश्वासमें बढोतरी करता है और परीक्षा में अच्छे अंक लाने में मददगार होता है, बुद्धि कुशाग्र होती है, अगर बहुत छोटे बच्चे है तो उनके माता या पिता उनकेलिए इसका पाठ करे.
२) इसका पाठ मन को शांति और सुकून देता है मानसिक परेशानियों और व्याधियो से ये छुटकारा दिलवाने में कारगर है,
३) जिन लोगो को गृह कलेश की समस्या है इस पाठ से उनको विशेष फल मिलते है,
४) अगर घर का मुखिया इसका पाठ घर में रोज करता है तो घर का वातावरण अच्छा रहता है,
५) घर में या अपने आप में कोई भी नकारात्मक शक्ति को दूर करने का ये अचूक उपाय है,
६) अगर आप सुनसान जगह पर रहते है और किसी अनहोनी का डर लगा रहता हो तो उसस्थान या घर पर इसका रोज पाठ करने से हर प्रकार की बाधा से मुक्ति मिलती हैऔर आत्मबल बढ़ता है.
७) जिनको बुरे सपने आते हो रात को अनावश्यक डर लगता हो इसके पाठ निश्चित से आराम मिलेगा.
८) जो लोग क़र्ज़ से परेशान है उनको ये पाठ शांति भी देता है और क़र्ज़ मुक्ति में सहायक भी होता है,
९) जिस घर में बच्चे माँ पिता जी के संस्कार को भूल चुके हो, गलत संगत मेंलग गए हो और माँ पिता जी का अनादर करते हो वहा भी ये पाठ निश्चित लाभकारीहोता है.
१०) किसी भी प्रकार का मानसिक या शारीरिक रोग भले क्यों न हो इसका पाठ लाभकारी होता है.
११) भूत प्रेत की व्याधि भी इस पाठ को करने से स्वतः ही दूर हो जाती है.
१२) नौकरी में प्रमोशन में भी ये पाठ विशेष फलदाई होता है.
१३) घर का कोई भी सदस्य घर से बाहर हो आपको उसकी कोई जानकारी मिल पा रहीहो या न भी मिल पा रही हो तो भी आप अगर इसका पाठ करते है तो सम्बंधितव्यक्ति की निश्चित ही रक्षा होगी, और आपको चिंता से भी राहत मिलेगी.
और इसके अलावा ऐसे बहुत से लाभ है जो सुन्दरकाण्ड से मिलते है आप सभी इसपाठ का लाभ उठाये और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस करे, जीवन सार्थकबनाये इस पाठ के मदद से हर दिन को नए उत्साह से जिए और परेशानियों सेनिजात पाए..

Monday, 21 April 2014

अगर परिवार में कोई परिवार में कोई व्यक्ति बीमार है



अगर परिवार में कोई परिवार में कोई व्यक्ति बीमार है तथा लगातार औषधि सेवन के पश्चात् भी स्वास्थ्य लाभ नहीं हो रहा है, तो किसी भी रविवार से आरम्भ करके लगातार 3 दिन तक गेहूं के आटे का पेड़ा तथा एक लोटा पानी व्यक्ति के सिर के ऊपर से उबार कर जल को पौधे में डाल दें तथा पेड़ा गाय को खिला दें। अवश्य ही इन 3 दिनों के अन्दर व्यक्ति स्वस्थ महसूस करने लगेगा। अगर टोटके की अवधि में रोगी ठीक हो जाता है, तो भी प्रयोग को पूरा करना है, बीच में रोकना नहीं चाहिए।